बिहार

Sarhasa: दाखिल-खारिज मामलों में पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी

Admindelhi1
19 Jan 2026 7:23 PM IST
Sarhasa: दाखिल-खारिज मामलों में पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी
x
"CO की अनियमितता पर सख्त कदम"

सहरसा: बिहार में जमीन के दाखिल खारिज के आवेदनों को अब सीओ लटकाकर नहीं रख सकेंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने भूधारियों का दोहन सीओ स्तर से किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। जन कल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान आवेदनों में आपत्ति डालकर लटकाने के मामले अंचल स्तर पर किए जाने की बात भी सामने आई है।

सचिव ने समाहर्ताओं को पत्र जारी कर कहा है कि अंचलाधिकारी स्तर से बिना ठोस आधार के स्वतः आपत्ति डाली जाती है, तो इसे कदाचार माना जाएगा। पत्र में सचिव ने लिखा है कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद में ऑनलाइन दाखिल खारिज के आवेदनों के निष्पादन में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई। इसमें निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन कीं किया जा रहा है। आवेदन के आम खास सूचना निर्गत होने के बाद 14 दिनों की नोटिस अवधि में कोई आपत्ति नहीं आती है, तो सीओ स्वयं आधारहीन आपति डालकर इसे सुनवाई में डाल देते हैं।

कई मामलों में यह पाया गया कि अंचल स्तर पर असामाजिक तत्व द्वारा बिना आधार या बिना किसी लगाव के आपत्ति दर्ज करा देते हैं। निर्धारित समय सीमा में निष्पादन होने को जगह जान बुझकर वाद को लंबित रख दिया जाता है। सीओ मौनी बहन ने कहा तथ्यपरक आवेदन के आधार पर निष्पादन लंबित रखा जाता है। अधिकांश आवेदन का निष्पादन ससमय कर दिया जाता है। विभागीय निर्देश का अक्षरशः पालन किया जाएगा।

14 दिनों में नहीं आए आपत्ति तो सीओ तत्काल आवेदनों का करें निष्पादन: सचिव ने सभी समाप्तांओं को निर्देश दिया है कि अगर आम सूचना प्रकाशित होने के 14 दिनों में कोई आपत्ति आती है तो संबंधित सीओ तत्काल उसका निष्पादन करें। अगर सरकारी खाता या खसरा से संबंधित मामला से सीओ आपनि दर्ज करें अन्य मामाले में बिना ठोस आधार आपत्ति की कदाचार माना जाएगा।

वहीं, दूसरा भी कोई व्यक्ति बिना ठोस आधार के आपत्ति डालता है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। सभी अंचलाधिकारियों को यह चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी सामने आई तो कठोर अनुसनात्मक कारवाई की जाएगी।

Next Story