
Bihar बिहार: कटिहार नगर निगम क्षेत्र में ठेकेदार की कथित मनमानी और लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड नंबर दो में हाल ही में बनी सड़क के धंस जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे पूरे इलाके का आवागमन प्रभावित हो गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, करीब तीन महीने पहले ₹25 लाख की लागत से बनाई गई पेवर ब्लॉक सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। इस घटना के बाद मरम्मत कराने के बजाय संबंधित ठेकेदार ने सड़क पर मिट्टी और मलबा डालकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लिए मुख्य संपर्क मार्ग थी, जिससे दैनिक जीवन की गतिविधियां जुड़ी हुई थीं। सड़क बंद होने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी क्यों नहीं की गई और सड़क धंसने के बाद तुरंत सुधारात्मक कदम क्यों नहीं उठाए गए।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार अपने प्रभाव और रसूख के कारण मनमाने तरीके से काम कर रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क को “और नुकसान से बचाने” का बहाना बनाकर मलबा डाल दिया गया, जबकि वास्तविकता में इससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
इस स्थिति से सबसे अधिक परेशानी रोजमर्रा के कामकाज पर निर्भर लोगों को हो रही है। कई लोगों को अब लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि वे ठेकेदार के प्रभाव के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। कई लोग अपना नाम बताने से भी कतरा रहे हैं, जिससे इलाके में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
लोक निर्माण विभाग से लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही, बंद पड़े मार्ग को जल्द से जल्द फिर से चालू करने की मांग भी की जा रही है।
वार्ड नंबर दो के निवासियों का कहना है कि यह स्थिति विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। तीन महीने में ही सड़क का धंस जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाता है।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के साथ इस तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कुल मिलाकर, कटिहार नगर निगम में सड़क धंसने और उसके बाद मार्ग बंद किए जाने से आम लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई है, और अब प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।





