
Bihar बिहार: बिहार के चर्चित बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। गुरुवार को पांच उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया, जिसके साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता ने भी नामांकन दाखिल किया।
बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं। राजद की रेखा गुप्ता के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अभिषेक कुमार सिन्हा और जन सुराज के प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने चुनावी समीकरणों को और रोचक बना दिया है।
रेखा गुप्ता ने दाखिल किया नामांकन
46 वर्षीय रेखा गुप्ता ने नामांकन के दौरान अपनी संपत्ति और अन्य जानकारियां चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे में दर्ज कराई हैं। जानकारी के अनुसार, वह करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्ति की मालकिन हैं।
उनकी संपत्ति में जमीन, सोना और अन्य निवेश शामिल हैं। हलफनामे के मुताबिक, उनकी आय के प्रमुख स्रोतों में डेयरी व्यवसाय और किराये से होने वाली आमदनी शामिल है।
राजनीतिक गलियारों में उनकी तुलना पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से भी की जा रही है, क्योंकि दोनों नेताओं की आय के प्रमुख स्रोतों में डेयरी और किराये से मिलने वाली आमदनी का उल्लेख रहा है।
बांकीपुर में त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीट माना जाता रहा है। इस बार चुनाव मैदान में अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रमुख चेहरे उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
राजद ने जहां महागठबंधन के समर्थन से रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है, वहीं भाजपा की ओर से अभिषेक कुमार सिन्हा चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरी ओर, जन सुराज के प्रशांत किशोर की सक्रियता ने चुनावी समीकरणों को बदलने की संभावना पैदा कर दी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तीनों उम्मीदवार अपने-अपने आधार वोट बैंक और मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे।
स्थानीय मुद्दों पर रहेगा फोकस
बांकीपुर क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय समस्याएं प्रमुख मुद्दा बन सकती हैं। शहरी सुविधाएं, सड़क, जल निकासी, यातायात, रोजगार और विकास कार्यों को लेकर उम्मीदवार जनता के बीच अपनी बात रखेंगे।
इसके अलावा बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण और संगठनात्मक ताकत भी चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकती है।
उम्मीदवारों ने शुरू की चुनावी तैयारी
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार की तैयारियां तेज कर दी हैं। राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुट गए हैं।
महागठबंधन रेखा गुप्ता के जरिए क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जबकि भाजपा अपने संगठन और पिछले चुनावी प्रदर्शन के आधार पर मैदान में उतर रही है।
वहीं, जन सुराज इस चुनाव को बिहार की पारंपरिक राजनीति से अलग विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।
रेखा गुप्ता की संपत्ति बनी चर्चा का विषय
नामांकन के बाद रेखा गुप्ता की संपत्ति भी चर्चा का विषय बन गई है। चुनावी हलफनामे में संपत्ति का ब्योरा सामने आने के बाद राजनीतिक दल और आम लोग भी इस पर चर्चा कर रहे हैं।
चुनाव आयोग के नियमों के तहत सभी उम्मीदवारों को अपनी संपत्ति, आय और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक करनी होती हैं, ताकि मतदाता उम्मीदवारों के बारे में जानकारी के आधार पर फैसला ले सकें।
आगे बढ़ेगा चुनावी संघर्ष
बांकीपुर में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव प्रचार का दौर तेज होगा। आने वाले दिनों में सभी प्रमुख दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।
राजद, भाजपा और जन सुराज के बीच होने वाली राजनीतिक टक्कर पर पूरे बिहार की नजर रहेगी। अब देखना होगा कि बांकीपुर की जनता किस उम्मीदवार पर भरोसा जताती है और चुनावी मैदान में किसका पलड़ा भारी रहता है।





