
पटना। बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर एके-47 से गोली चलाने के मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान इसकी घोषणा की।
तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटना बेहद गंभीर है और सरकार को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में अब तक दोषियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसी के विरोध में राजद 19 अगस्त को राजधानी पटना में बड़ा मार्च निकालेगा।
जानकारी के मुताबिक, यह मार्च वीरचंद पटेल पथ स्थित राजद प्रदेश कार्यालय से शुरू होकर लोकभवन तक जाएगा। तेजस्वी यादव ने बताया कि इस मार्च में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि छात्रों के न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई है।
प्रेसवार्ता में तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार को पुलिसिया स्टेट बनने नहीं दिया जाएगा और राजद हर उस आवाज के साथ खड़ा रहेगा जो न्याय की मांग कर रही है।
राजद नेता ने कहा कि छात्रों पर किसी भी तरह की हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों की भूमिका सामने आती है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्र देश और समाज का भविष्य होते हैं। अगर उनके आंदोलन को दबाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर इतने गंभीर मामले में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
इस मामले को लेकर राजद लगातार सरकार पर हमलावर है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार को छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को सुनना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय दमन का रास्ता अपनाया गया। राजद ने कहा कि वह इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगा।
वहीं, सत्ताधारी दल की ओर से इस पूरे मामले पर अलग प्रतिक्रिया आने की संभावना है। सरकार पहले भी कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करती रही है और प्रशासनिक कार्रवाई का हवाला देती रही है।
बिहार में छात्र आंदोलन और उससे जुड़े विवादों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। आगामी दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। राजद के मार्च के ऐलान के बाद प्रशासन की तैयारियां भी महत्वपूर्ण होंगी, क्योंकि बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए लोकतांत्रिक रास्ता अपनाएगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को जनता और छात्रों की आवाज सुननी होगी।
राजद के इस आंदोलन को बिहार की राजनीति में एक बड़े विरोध प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी इसे छात्रों के अधिकार और कानून व्यवस्था के मुद्दे से जोड़ रही है, जबकि सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश भी मानी जा रही है।
फिलहाल सभी की नजरें 19 अगस्त को होने वाले मार्च पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि राजद के इस आंदोलन का सरकार पर कितना राजनीतिक असर पड़ता है और छात्र आंदोलन से जुड़े मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
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