
शेखपुरा: जिले के रामजानपुर गांव के छात्र रिफ़ान आरिश ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2026 में रिफ़ान ने पूरे बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने परीक्षा में 109.2603 अंक हासिल कर राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया।
रिफ़ान की इस सफलता से उनके परिवार, गांव और जिले में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उन्हें बधाई दी है। सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण के दम पर रिफ़ान ने यह मुकाम हासिल किया है।
रिफ़ान आरिश रामजानपुर गांव निवासी गालिब मसूद और रिफ़ात अर्शी के पुत्र हैं। उनके माता-पिता वर्तमान में बेंगलुरु में रहते हैं, जबकि उनका पैतृक घर शेखपुरा जिले के रामजानपुर गांव में है। परिवार की जिम्मेदारियों और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाते हुए रिफ़ान ने अपनी तैयारी जारी रखी और सफलता हासिल की।
डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में राज्यभर के हजारों अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस कठिन प्रतिस्पर्धा में रिफ़ान ने सबसे अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी सफलता को शिक्षा के क्षेत्र में शेखपुरा जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
रिफ़ान ने अपनी परीक्षा की तैयारी बिहारशरीफ में रहकर की। उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और सही रणनीति के साथ परीक्षा की तैयारी की। उनका लक्ष्य शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करना था और इसी उद्देश्य से उन्होंने डीएलएड प्रवेश परीक्षा पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।
परिवार के अनुसार, रिफ़ान शुरू से ही पढ़ाई में रुचि रखने वाले छात्र रहे हैं। वह अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहते थे और किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटते थे। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास ने उन्हें राज्य में पहला स्थान दिलाया।
रिफ़ान की सफलता की खबर मिलते ही रामजानपुर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया। लोगों का कहना है कि रिफ़ान ने अपनी उपलब्धि से गांव और जिले का नाम रोशन किया है।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने भी रिफ़ान की सफलता की सराहना की है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास बेहद जरूरी होता है। रिफ़ान ने इन सभी पहलुओं को अपनाकर शानदार प्रदर्शन किया है।
डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के जरिए अभ्यर्थियों को शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलता है। इस परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवार आगे चलकर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं।
रिफ़ान की सफलता उन छात्रों के लिए भी प्रेरणा है जो छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने साबित किया है कि मेहनत और लगन के बल पर किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद है कि रिफ़ान भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर काम करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे शेखपुरा जिले के लिए गौरव का क्षण है।
रिफ़ान आरिश की इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी स्थान या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। सही दिशा में प्रयास और कठिन परिश्रम से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।





