
मधेपुरा। बिहार में परीक्षा केंद्र के अंदर एक छात्रा द्वारा भोजपुरी गाने पर रील बनाने का मामला सामने आया है। भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) की स्नातक द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर बनाए गए इस वीडियो के वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक छात्रा परीक्षा हॉल के अंदर भोजपुरी गाने पर रील बनाती हुई नजर आ रही है। वीडियो में छात्रा के हाथ में प्रवेश पत्र भी दिखाई दे रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो सामने आने के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा की गोपनीयता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में छात्रा भोजपुरी गीत "पढ़े न जाइब पढ़ाई... कोचिंग क्लास करे के... माई रे, चुम्मा मांगे ले मास्टरवा, मैट्रिक पास करे के..." पर रील बनाती दिखाई दे रही है। वीडियो में वह परीक्षा के दौरान मस्ती करती नजर आ रही है। उसके पीछे बैठी कुछ अन्य छात्राएं भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती दिखाई दे रही हैं।
वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ। इसे काजल विष्णु नाम के यूजर अकाउंट से अपलोड किया गया था। वीडियो के कैप्शन में "बीए सेकंड सेमेस्टर एग्जाम टाइम मस्ती, आरजेएम कॉलेज सहरसा" लिखा गया था। वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद संबंधित इंस्टाग्राम प्रोफाइल को प्राइवेट कर दिया गया।
मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि वीडियो कब और किस परीक्षा केंद्र में बनाया गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन परीक्षा हॉल तक कैसे पहुंचा।
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाना आमतौर पर प्रतिबंधित होता है, क्योंकि इससे परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में इस मामले ने परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अब संबंधित छात्रा और परीक्षा केंद्र की भूमिका की जांच कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अगर परीक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित छात्रा के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा परीक्षा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की लापरवाही की भी जांच की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा जगत में भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने परीक्षा जैसे गंभीर माहौल में इस तरह का वीडियो बनाने को अनुशासनहीनता बताया है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि मोबाइल फोन जैसी प्रतिबंधित चीजें अंदर न पहुंच सकें।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को भी चेतावनी दी है कि परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखें और नियमों का पालन करें। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि छात्रा और परीक्षा केंद्र के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो ने एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था में सतर्कता और निगरानी की जरूरत को सामने ला दिया है।





