
पटना। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को लेकर बिहार के केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने चिंता जताई है। उन्होंने नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों और प्रभावित लोगों को लेकर दुख व्यक्त किया। मंत्री ने कहा कि नेपाल जाने वाले पर्यटकों में बड़ी संख्या भारतीयों की होती है और ऐसे समय में प्रभावित लोगों की पूरी जानकारी नहीं मिल पाना बेहद चिंताजनक है।
रामकृपाल यादव ने कहा कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के कारण कई लोग प्रभावित हुए हैं। तमिलनाडु के कुछ लोगों के लापता होने और अन्य प्रभावित नागरिकों की स्थिति की पूरी जानकारी नहीं मिलना दुखद है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस मुश्किल समय में नेपाल सरकार और वहां के नागरिकों के साथ खड़ी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “भारत सरकार नेपाल सरकार और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देगी।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में भारत की ओर से जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
रामकृपाल यादव ने बिहार पर पड़ने वाले प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब भी नेपाल से अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जाता है या वहां भारी बारिश होती है तो इसका सीधा असर बिहार के कई इलाकों पर पड़ता है। नेपाल से आने वाली नदियों के कारण बिहार के सीमावर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि इस बार भी नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार में संभावित नुकसान को लेकर सरकार सतर्क है। राज्य सरकार स्थिति का आकलन करेगी और प्रभावित लोगों को राहत एवं मुआवजा देने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बिहार में किसानों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
नेपाल में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। इससे सड़क संपर्क, जनजीवन और स्थानीय व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई जगहों पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।
नेपाल और भारत के बीच भौगोलिक और सामाजिक संबंध काफी पुराने हैं। दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का आपसी संपर्क भी काफी मजबूत है। ऐसे में नेपाल में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं का असर भारत के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिलता है।
विशेष रूप से बिहार के लिए नेपाल से आने वाली नदियां महत्वपूर्ण हैं। मानसून के दौरान नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश होने पर गंडक, कोसी और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
रामकृपाल यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर लोगों की मदद करना सबसे जरूरी है। भारत हमेशा पड़ोसी देशों के साथ मानवीय आधार पर सहयोग करता रहा है और नेपाल के साथ भी यही नीति जारी रहेगी।
बिहार सरकार भी नेपाल से आने वाले पानी और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तैयारियों में जुटी हुई है। नदियों के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव कार्य जारी है। भारत सरकार की ओर से भी स्थिति की निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी है।





