
पटना। भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को पूरे बिहार में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही घरों में उत्सव का माहौल है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना कर रही हैं।
रक्षाबंधन के मौके पर बिहार के घरों से लेकर बाजारों तक चहल-पहल देखने को मिल रही है। बाजारों में रंग-बिरंगी राखियों, मिठाइयों और उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आई। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी इस पर्व की रौनक दिखाई दी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और भाई-बहन के रिश्ते की महत्ता को बताया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बहनों ने बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने परिवार के साथ यह पर्व मनाया। उनकी दो बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी।
मुख्यमंत्री ने इस खास पल की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। तस्वीर में भाई-बहन के बीच स्नेह और अपनत्व का भाव नजर आया।
सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, विश्वास और रिश्तों की मजबूती का पर्व है। उन्होंने सभी बहनों और भाइयों के सुखी जीवन की कामना की।
नेताओं ने दी प्रदेशवासियों को बधाई
रक्षाबंधन के मौके पर बिहार के कई बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को शुभकामनाएं दीं।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी रक्षाबंधन की बधाई देते हुए भाई-बहन के रिश्ते को खास बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व स्नेह, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक है।
इसके अलावा अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और लोगों के जीवन में खुशहाली की कामना की।
बाजारों में दिखी त्योहार की रौनक
रक्षाबंधन को लेकर बिहार के बाजारों में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। पटना समेत राज्य के विभिन्न शहरों में राखी की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली।
इस बार बाजार में पारंपरिक राखियों के साथ-साथ डिजाइनर राखियां, बच्चों के लिए कार्टून वाली राखियां और आकर्षक गिफ्ट पैक भी उपलब्ध रहे।
मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ रही। लोगों ने अपने भाइयों और बहनों के लिए मिठाई, कपड़े और अन्य उपहार खरीदे।
बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र की कामना की
सुबह से ही घरों में पूजा-पाठ के बाद बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा और सम्मान का वादा किया।
कई परिवारों में दूर रहने वाले भाई-बहन वीडियो कॉल के माध्यम से भी इस पर्व से जुड़े। आधुनिक दौर में भी रक्षाबंधन का भावनात्मक महत्व कायम है।
सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व केवल एक धागा बांधने की परंपरा नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, प्रेम और जिम्मेदारी के रिश्ते को मजबूत करने का अवसर है।
इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं, वहीं भाई जीवनभर उनकी सुरक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं।
प्रशासन ने भी की व्यवस्था
त्योहार को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी कई जगहों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गईं। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई।
रेलवे और परिवहन सेवाओं में भी यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए।
पूरे बिहार में उत्साह का माहौल
रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार के गांवों से लेकर शहरों तक उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने परिवार के साथ मिलकर इस पर्व को मनाया।
राजनीतिक नेताओं से लेकर आम लोगों तक सभी ने भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते को याद किया और शुभकामनाएं दीं।





