बिहार

बारिश का कहर: पश्चिम चंपारण में सड़क ध्वस्त, 18 गांवों का संपर्क टूटा

Saba Naaz
11 July 2026 4:22 PM IST
बारिश का कहर: पश्चिम चंपारण में सड़क ध्वस्त, 18 गांवों का संपर्क टूटा
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पश्चिम चंपारण। बिहार में मानसून की पहली बारिश ही कई इलाकों के लिए आफत बन गई है। पश्चिम चंपारण जिले के दोन क्षेत्र में भारी बारिश के कारण मुख्य सड़क ध्वस्त हो गई है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के 18 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, दोन क्षेत्र की मुख्य सड़क पर अवरहिया गांव के पास बनी पाइप पुलिया बारिश के पानी के तेज बहाव में बह गई। पुलिया के टूटने के बाद सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने का प्रमुख मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं। सड़क टूट जाने के कारण अब ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

सबसे अधिक परेशानी मरीजों, छात्रों और रोजमर्रा के काम से बाहर जाने वाले लोगों को हो रही है। आपात स्थिति में लोगों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क और पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि मानसून की पहली तेज बारिश में ही सड़क की स्थिति खराब हो गई। पानी के दबाव के कारण पाइप पुलिया कमजोर होकर बह गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह इलाका पहले से ही भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। बारिश के मौसम में यहां आवागमन प्रभावित होना आम बात है, लेकिन इस बार मुख्य सड़क टूटने से लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है।

सड़क टूटने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही मौके पर टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा और अस्थायी व्यवस्था के साथ सड़क निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।

बरसात के मौसम में बिहार के कई जिलों में सड़कों और पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आती हैं। पश्चिम चंपारण के दोन क्षेत्र की यह घटना भी बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की चुनौतियों को उजागर करती है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क संपर्क टूटने से खेती-किसानी से जुड़े काम भी प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। वहीं, बच्चों को स्कूल जाने और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

फिलहाल 18 से अधिक गांवों के लोग सड़क के दोबारा चालू होने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थायी समाधान के लिए मजबूत सड़क और पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि हर साल बारिश के दौरान ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े।

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