बिहार

रेलवे का बड़ा फैसला, स्पेशल ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी

Saba Naaz
3 July 2026 7:08 PM IST
रेलवे का बड़ा फैसला, स्पेशल ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी
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Bihar: रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने बरौनी-नई दिल्ली-बरौनी और दरभंगा-नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। इस निर्णय से उत्तर बिहार के यात्रियों, खासकर कामगारों, छात्रों और दिल्ली जाने वाले आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार के अनुसार, दोनों जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन अब 16-16 अतिरिक्त फेरों के लिए बढ़ा दिया गया है। ये ट्रेनें 31 जुलाई 2026 और 1 अगस्त 2026 तक चलाई जाएंगी। इससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और यात्रा का दबाव भी कम होगा। बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 02563) का संचालन, जो पहले 15 जुलाई तक निर्धारित था, अब 31 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। इसी तरह वापसी में चलने वाली गाड़ी संख्या 02564 नई दिल्ली-बरौनी स्पेशल ट्रेन भी 1 अगस्त 2026 तक 16 अतिरिक्त फेरे लगाएगी।

इसी प्रकार दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 02569) का संचालन भी 31 जुलाई 2026 तक बढ़ाया गया है, जबकि वापसी ट्रेन (02570) 1 अगस्त 2026 तक अतिरिक्त फेरे लगाएगी। इससे समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा और सीवान जैसे प्रमुख रूट के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे प्रशासन ने बताया कि इन ट्रेनों में कुल 18 कोच लगाए जाएंगे, जो आधुनिक एलएचबी (LHB) तकनीक से लैस होंगे। इनमें एक जनरेटर सह लगेज वैन, एक एलएसएलआरडी, चार स्लीपर कोच, पांच एसी 3 इकोनॉमी और सात एसी 3 कोच शामिल हैं। इससे यात्रियों की बढ़ती संख्या को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रेनों के परिचालन की अवधि बढ़ाई गई है, लेकिन इनके समय, रूट और ठहराव में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेनें पहले की तरह ही निर्धारित समय और स्टॉपेज के अनुसार चलेंगी। अधिकारियों के अनुसार, मॉनसून सीजन और छुट्टियों के बाद दिल्ली लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे यात्रियों को सीट उपलब्धता में राहत मिलेगी और यात्रा अधिक सुगम हो सकेगी।

रेल प्रशासन के इस फैसले से उत्तर बिहार के हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा और दिल्ली रूट पर ट्रेनों में बढ़ते दबाव को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

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