बिहार

राहुल गांधी विदेशी ताकतों का टूल बन गए हैं, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का बड़ा हमला

Kavita2
3 Nov 2026 9:58 AM IST
राहुल गांधी विदेशी ताकतों का टूल बन गए हैं, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का बड़ा हमला
x

भागलपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी देश की संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों में भ्रम पैदा कर रहे हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को बिहार के भागलपुर स्थित लाजपत पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में गड़बड़ी संबंधी आरोपों को जनादेश का अपमान बताया।

भाजपा की ओर से देशभर में चलाए जा रहे 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत भागलपुर में पदयात्रा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाग लिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा करने का दावा करता है, लेकिन चुनाव परिणामों और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा कर रहा है।

नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाली विदेशी ताकतों के लिए एक माध्यम बन गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता की राजनीतिक गतिविधियां देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं।

हालांकि, राहुल गांधी के विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने संबंधी आरोप भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों के समर्थन में संबंधित सभा से कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है।

भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार चुनाव आयोग, ईवीएम और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर जनता को भ्रमित कर रहा है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन बिना ठोस आधार के संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

नितिन नवीन ने कहा कि जनता चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सरकार चुनती है। ऐसे में चुनाव परिणाम स्वीकार करने के बजाय लगातार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना मतदाताओं के फैसले का अपमान है।

उन्होंने विपक्ष के ईवीएम में गड़बड़ी संबंधी आरोपों को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया। भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, विपक्ष चुनावी पराजय की जिम्मेदारी लेने के बजाय चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।

नितिन नवीन ने कांग्रेस नेतृत्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी नेताओं की जिम्मेदारी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर भी दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान के अनुसार चलेगी और किसी राजनीतिक परिवार अथवा दल की इच्छा के अनुसार नहीं।

इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि भाजपा देश के विकास और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है।

भागलपुर में आयोजित पदयात्रा से पहले लाजपत पार्क में जनसभा हुई। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर में पदयात्रा निकाली। पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, पदयात्रा लाजपत पार्क से शुरू होकर सेवा ज्योति चौक तक निर्धारित थी। इस अभियान के माध्यम से भाजपा ने विपक्ष के आरोपों का जनता के बीच जवाब देने की रणनीति अपनाई है।

दरअसल, भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में शुरू किया गया है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग को घेर रहे हैं।

विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। वहीं, भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि खराब करने का आरोप लगा रही है।

इसी राजनीतिक टकराव के बीच भाजपा ने देश के अलग-अलग राज्यों में जनसभाएं और पदयात्राएं आयोजित करने का फैसला किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अभियान की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम जनता तक अपना पक्ष पहुंचाया जा सके।

भागलपुर में नितिन नवीन के कार्यक्रम को भी इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। बिहार भाजपा के लिए यह आयोजन राजनीतिक दृष्टि से अहम रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के आरोपों के खिलाफ अपना पक्ष रखा।

भागलपुर के बाद नितिन नवीन का पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी पदयात्रा कार्यक्रम निर्धारित था। वहां भी उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

भाजपा के इस अभियान के जवाब में विपक्षी दल भी अपने आरोपों पर कायम हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां चुनावी प्रक्रिया से संबंधित सवालों को लोकतांत्रिक जवाबदेही का विषय बता रही हैं। इस तरह दोनों पक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर आमने-सामने हैं।

राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से यह अभियान केवल पदयात्राओं तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच भाजपा की व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। पार्टी विपक्ष के आरोपों का सार्वजनिक मंचों से जवाब देकर अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल नितिन नवीन के बयान के बाद राहुल गांधी और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। चुनाव आयोग, ईवीएम और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जारी बहस के बीच भागलपुर की जनसभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप को हवा दे दी है।

Next Story