बिहार

जेल में कैदी की आत्महत्या, जेल अधीक्षक निरंजन पंडित ने घटना की जानकारी साझा की

SHIDDHANT
28 Dec 2025 10:06 PM IST
जेल में कैदी की आत्महत्या, जेल अधीक्षक निरंजन पंडित ने घटना की जानकारी साझा की
x
Sarhasa सहरसा: मंडल जेल में एक कैदी की आत्महत्या की घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है। जेल अधीक्षक निरंजन पंडित ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि यह घटना तब सामने आई जब जेल कर्मियों की शिफ्ट बदल रही थी और जिम्मेदारी का हस्‍तांतरण हो रहा था। जेल अधीक्षक ने कहा, "हमारे स्टाफ शिफ्ट बदल रहे थे और एक-दूसरे को चार्ज सौंप रहे थे, तभी यह घटना हमारे ध्यान में आई। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि घटना वास्तव में एक घंटे पहले हुई थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस और जेल अधिकारियों की टीम घटना स्थल का निरीक्षण कर रही है और आत्महत्या के कारणों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। निरंजन पंडित ने बताया कि जेल प्रशासन हमेशा कैदियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देता है। उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जेल में किसी भी कैदी को अपनी जान लेने जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े। यह घटना हमारे लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करना आवश्यक है।"
जेल अधीक्षक ने यह भी बताया कि कैदी की आत्महत्या के कारणों की जानकारी जुटाने के लिए अन्य कैदियों और जेल कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि इस घटना के सभी पहलुओं का निष्पक्ष और शीघ्र पता लगाया जा सके। घटना के बाद से जेल में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि शिफ्ट बदलते समय सतर्कता और चार्ज सौंपने के दौरान ध्यान रखने के नियमों को और कड़ा किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण मामले को रोका जा सके।
सहरसा मंडल जेल में यह घटना कैदियों और जेल प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर सामने आई है। इससे पहले भी जेल में मानसिक स्वास्थ्य और निगरानी से जुड़ी चिंताओं पर कई बार प्रकाश डाला गया था। इस मामले ने यह साफ कर दिया है कि कैदियों की सुरक्षा और समय पर निगरानी के महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जेल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को पूरी जानकारी दी है और घटना की विस्तृत जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था और किसी प्रकार की लापरवाही हुई है या नहीं।
इस घटना ने जेल में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े protocols की समीक्षा करने की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सहरसा मंडल जेल की यह घटना राज्य के अन्य जेल प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है कि सुरक्षा और निगरानी में कभी भी ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
Next Story