बिहार

सिवान धमाके के बाद जर्जर मकान गिराने की तैयारी, मलबे में होगी तलाश

nidhi
26 Oct 2026 9:25 AM IST
सिवान धमाके के बाद जर्जर मकान गिराने की तैयारी, मलबे में होगी तलाश
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तीन दिन बाद मिला अमरुद्दीन के परिवार का सुराग
सिवान: बिहार के सिवान जिले के आलमपुर गांव में हुए भीषण पटाखा विस्फोट के तीन दिन बाद अमरुद्दीन के परिवार के तीन सदस्यों का पता चल गया है। हादसे के बाद लापता बताई जा रही उनकी पत्नी, बहू और एक पोती गोपालगंज में मिली हैं। हालांकि, दूसरी पोती मुस्कान सिद्दीकी का अब तक पता नहीं चल सका है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। इस बीच विस्फोट से जर्जर हुए मकान को ध्वस्त कर तलाशी अभियान आगे बढ़ाने की तैयारी है। हादसे में प्रशासन ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है।
जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में 23 अक्टूबर की शाम अमरुद्दीन के मकान में पटाखे बनाने के दौरान जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाके से मकान का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोग भी दहशत में आ गए थे। घटना के बाद परिवार के सदस्यों की स्थिति को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही थीं। अब तीन सदस्यों के मिलने से उनके बारे में बनी अनिश्चितता दूर हुई है, लेकिन मुस्कान की तलाश जारी रहने से परिवार की चिंता बनी हुई है। सामने आई जानकारी के अनुसार, हादसे में बचीं महिलाएं इलाज के बाद गोपालगंज में रिश्तेदार के यहां चली गई थीं। पुलिस ने उनका पता लगाया। दूसरी ओर, क्षतिग्रस्त मकान में तलाशी पूरी करना जरूरी बना हुआ है। जर्जर हिस्से को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को मलबे की जांच और खोजबीन से जोड़कर देखा जा रहा है। अभी मकान ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई पूरी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे के समय घटनास्थल पर पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण था। पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के मुताबिक, 23 अक्टूबर की शाम करीब 5:20 बजे विस्फोट की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस, अग्निशमन, चिकित्सा और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। मकान में रुक-रुककर धमाके होने के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। आसपास मौजूद लोगों को भी खतरे से दूर रखने की जरूरत पड़ी। शुरुआती कार्रवाई के दौरान प्रशासन का ध्यान आग और विस्फोट के बीच फंसे लोगों की स्थिति का पता लगाने पर था।
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का अगला हिस्सा ढहकर सड़क पर आ गया। स्थानीय लोगों ने करीब दो घंटे तक रुक-रुककर धमाके होने की जानकारी दी थी। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका के कारण तलाशी का काम महत्वपूर्ण बना हुआ है। मुस्कान के संबंध में भी खोजबीन जारी है। उसके मलबे में दबे होने की आशंका सामने आई थी, लेकिन उसकी स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
घटना के बाद प्रशासनिक जवाबदेही पर भी कार्रवाई हुई है। एसपी ने जामो बाजार थानाध्यक्ष और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को निलंबित किया है। घटनास्थल पर एफएसएल और डॉग स्क्वायड समेत संबंधित टीमों ने जांच की। विस्फोट की वजह, वहां रखी सामग्री और पटाखा कारोबार से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और निगरानी के स्तर पर कहां चूक रही।
पुलिस पटाखों के निर्माण और भंडारण से जुड़े लाइसेंस का भी सत्यापन कर रही है। स्थानीय लोगों ने परिवार के लंबे समय से इस कारोबार से जुड़े होने की जानकारी दी थी। कुछ ग्रामीणों ने पहले से लाइसेंस होने का दावा भी किया, लेकिन पुलिस ने इन बातों की जांच करने की बात कही है। ऐसे में कारोबार की अनुमति और घटना के समय लागू शर्तों के पालन को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकलेगा। निर्माण में इस्तेमाल सामग्री कहां से आती थी, यह भी जांच का हिस्सा है। आलमपुर विस्फोट के बाद जिले के दूसरे इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, गांव के करीब 15 घरों और आसपास के खेतों से लगभग 130 बोरा विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। कुछ बंद मकानों की भी तलाशी ली गई। खेतों में सामग्री मिलने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे बनाने का सामान आबादी के बीच कैसे जमा हुआ। पुलिस निर्माण और आपूर्ति से जुड़े लोगों तथा संबंधित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।
एमएच नगर थाना क्षेत्र के उसरी बाजार से करीब तीन पिकअप विस्फोटक सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। दरौंदा और हसनपुरा में भी बरामदगी हुई। पतार गांव में दो घरों से 30 कार्टन पटाखे मिलने पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। शनिवार रात जब्त सामग्री नष्ट करने के दौरान हुए तेज धमाके के बाद ग्रामीणों और मौके पर मौजूद टीम के बीच तनाव की घटना भी सामने आई। इसमें अग्निशमन वाहन का शीशा टूटने की सूचना मिली थी। फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल लापता मुस्कान का पता लगाना है। परिवार के तीन सदस्यों के मिलने के बाद अब तलाशी अभियान और जर्जर मकान के मलबे की जांच पर नजर है। इसके साथ ही पटाखों की सामग्री के स्रोत, भंडारण और कारोबार की अनुमति से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ रही है।
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