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Patna पटना। बिहार सरकार की सूचना प्रावैधिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर बिहार के सूचना प्रावैधिकी क्षेत्र के समग्र विकास, निवेश संवर्धन, नवाचार, रोजगार सृजन एवं डिजिटल अवसंरचना सुदृढ़ीकरण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की गई। बैठक के दौरान बिहार में तकनीकी निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लागू बिहार आईटी पॉलिसी-2024, बिहार जीसीसी पॉलिसी-2026, तथा बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 के प्रमुख प्रावधानों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। इन नीतियों का उद्देश्य बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक, प्रतिस्पर्धी एवं उद्योग-अनुकूल गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
मंत्री ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पटना में रिसर्च पार्क एवं स्टार्टअप इन्क्यूबेशन (फेज-II) की स्थापना, मेगा एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास की संभावनाओं के बारे में अवगत कराया तथा गया स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संबद्ध विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया। इसके साथ ही, राज्य के तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण तथा विभिन्न संभागों में एसटीपीआई एवं एनआईईएलआईटी केंद्रों के विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
बैठक में आईटी, आईटीईएस, जीसीसी, सेमीकंडक्टर एवं अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए केंद्र सरकार से निवेश लीड्स उपलब्ध कराने, एंकर इकाइयों को प्रोत्साहित करने तथा वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) प्रदान करने का आग्रह किया गया। राज्य सरकार ने यह भी अवगत कराया कि बिहार निवेशकों को भूमि, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, आधुनिक आधारभूत संरचना तथा सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार की अपार संभावनाओं, राज्य की युवा शक्ति एवं तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्य की सराहना करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। श्रेयसी सिंह ने कहा कि केंद्र एवं राज्य के समन्वित प्रयासों से बिहार शीघ्र ही पूर्वी भारत के एक प्रमुख टेक हब के रूप में उभरेगा, जिससे राज्य में डिजिटल परिवर्तन, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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