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पटना। बिहार की राजधानी पटना के मनेर इलाके में शुक्रवार, 6 नवंबर को हुई पुलिस मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत के बाद मामला गरमा गया है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। दानापुर अस्पताल में परिजनों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सांसद मीसा भारती अस्पताल पहुंचीं और मुठभेड़ में मारे गए तीनों लोगों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों की बात सुनी। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क है।जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र स्थित शेरपुर गंगा घाट के आसपास पुलिस और संदिग्ध अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में तीन लोगों को गोली लगी। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का दावा है कि तीनों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे हत्या समेत अन्य गंभीर मामलों में वांछित थे।मृतकों की पहचान दानापुर थाना क्षेत्र के न्यू ताराचक निवासी जेपी यादव, शाहपुर थाना क्षेत्र के गंगहारा निवासी राजेश शर्मा और मनेर के सुअरमरवा निवासी बबलू कुमार के रूप में हुई है। तीनों की मौत की जानकारी मिलते ही उनके परिवारों में मातम छा गया। परिजन अस्पताल पहुंचे और पुलिस की ओर से बताई गई मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल उठाने लगे।
दानापुर अस्पताल में जमकर हंगामा
मुठभेड़ के बाद तीनों शवों को दानापुर अस्पताल लाया गया। इसकी जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन और परिचित बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर पहुंच गए। परिवार के सदस्यों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई और मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।इस दौरान अस्पताल परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। हालात बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।रिपोर्टों के अनुसार, अस्पताल में एक युवक को मुखबिरी के संदेह में कुछ लोगों ने पकड़कर पीट दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप करके स्थिति संभालने का प्रयास किया। हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में कुछ समय तक अफरातफरी बनी रही।
मीसा भारती ने की परिजनों से मुलाकात
मनेर मुठभेड़ की जानकारी मिलने के बाद पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से आरजेडी सांसद मीसा भारती मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उनकी शिकायतों को सुना।परिजनों ने सांसद के सामने पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि मुठभेड़ की वास्तविक परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तीनों लोगों की मौत किन हालात में हुई।मीसा भारती की मौजूदगी के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, उनकी ओर से किसी विशेष जांच या सरकारी कार्रवाई की मांग को लेकर दिए गए विस्तृत बयान की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जेपी यादव के भाई ने लगाए गंभीर आरोप
मुठभेड़ में मारे गए जेपी यादव के भाई रामाशीष यादव ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस की ओर से प्रस्तुत घटनाक्रम पर संदेह जताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।परिजनों का कहना है कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी मिलनी चाहिए। परिवार के सदस्यों ने यह भी मांग उठाई कि मुठभेड़ से संबंधित तथ्यों को स्पष्ट किया जाए।हालांकि, परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर पुलिस ने दावा किया है कि मुठभेड़ के दौरान पहले संदिग्धों की ओर से फायरिंग की गई थी और जवाबी कार्रवाई में तीनों की मौत हुई।
क्या है पुलिस का दावा?
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आपराधिक इतिहास वाले कुछ लोग शेरपुर इलाके में एकत्र होकर किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।सूचना मिलने के बाद स्पेशल टास्क फोर्स और जिला पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, टीम को देखते ही संदिग्धों ने गोलीबारी शुरू कर दी।पुलिस का दावा है कि इस दौरान मनेर थानाध्यक्ष की वर्दी को छूते हुए एक गोली निकल गई। जवाबी फायरिंग में तीनों संदिग्ध घायल हुए और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई।पुलिस ने घटनास्थल से हथियार बरामद करने का भी दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए लोगों का संबंध पूर्व में हुई हत्या की घटनाओं से भी था।
पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड से जुड़ रहे तार
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए लोग मनेर और दानापुर क्षेत्र में हुई पैक्स अध्यक्ष की हत्या से जुड़े मामलों में वांछित थे।अक्टूबर में मनेर थाना क्षेत्र के ब्यापुर इलाके में पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भालू पर गोलीबारी की घटना हुई थी। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी।पुलिस इस हत्याकांड में शामिल संदिग्धों की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को हुई मुठभेड़ को भी इसी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, तीनों की कथित आपराधिक संलिप्तता पुलिस का आरोप है, जिसका न्यायिक परीक्षण होना बाकी है।
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने की तैयारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस प्रशासन ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, तीनों शवों का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा।मुठभेड़ की परिस्थितियों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पुलिस के दावों का परीक्षण इस मामले में महत्वपूर्ण होगा। परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों के कारण निष्पक्ष जांच की मांग भी जोर पकड़ रही है।फिलहाल पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, आरजेडी सांसद मीसा भारती की मृतकों के परिवारों से मुलाकात के बाद इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं बढ़ने की संभावना है। अब सबकी निगाहें जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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