बिहार

तेजस्वी को 10 सिर वाला रावण दिखाने पर सियासी बवाल

Kavita2
18 Oct 2026 9:42 AM IST
तेजस्वी को 10 सिर वाला रावण दिखाने पर सियासी बवाल
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पटना। बिहार में दुर्गा पूजा और नवरात्र के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता नीरज कुमार शर्मा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक तस्वीर को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस तस्वीर में बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव को दस सिर वाले रावण के रूप में दिखाया गया है। इतना ही नहीं, तस्वीर में तेजस्वी यादव को माता दुर्गा के पैरों के नीचे पड़े हुए दिखाया गया है। भाजपा नेता ने इस पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव पर झूठे वादे करने, परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पोस्ट सामने आने के बाद आरजेडी ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के आरोपों को खारिज किया है। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

तेजस्वी यादव को दस सिर वाले रावण के रूप में दिखाया

भाजपा नेता नीरज कुमार शर्मा ने 17 अक्टूबर 2026 को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से एक राजनीतिक तस्वीर साझा की। इसमें तेजस्वी यादव के दस सिर दिखाए गए हैं और उनकी तुलना पौराणिक पात्र रावण से की गई है।

तस्वीर में माता दुर्गा को भी दिखाया गया है। तेजस्वी यादव की रावण के रूप में बनाई गई आकृति देवी के पैरों के नीचे दिखाई देती है।

भाजपा नेता ने इस तस्वीर के जरिए तेजस्वी यादव और राष्ट्रीय जनता दल की राजनीति पर निशाना साधा। पोस्ट में रोजगार, कानून व्यवस्था, परिवारवाद और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाया गया है।

नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करते हुए की गई इस राजनीतिक टिप्पणी ने बिहार की राजनीति में नया विवाद पैदा कर दिया है।

भाजपा नेता ने लगाए दस झूठ बोलने के आरोप

नीरज कुमार शर्मा ने अपनी पोस्ट में तेजस्वी यादव की तुलना रावण से करते हुए लिखा, "दस सिर — दस झूठ।"

उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव युवाओं को नौकरी देने के नाम पर वादे करते हैं। भाजपा नेता ने आरजेडी पर अपराधियों को संरक्षण देने, जंगलराज की वापसी, परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसे आरोप भी लगाए।

पोस्ट में बिहार को फिर से अंधेरे की ओर ले जाने की साजिश का आरोप लगाते हुए राज्य की जनता के जागरूक होने की बात कही गई।

नीरज कुमार शर्मा ने नौकरी के बदले जमीन मामले का उल्लेख करते हुए गरीबों की जमीन वापस करने की मांग भी उठाई।

हालांकि, ये सभी भाजपा नेता द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें किसी न्यायालय द्वारा स्थापित निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

आरजेडी ने दिया करारा जवाब

भाजपा नेता के पोस्ट पर राष्ट्रीय जनता दल ने भी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख किया।

उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव के 17 महीने के कार्यकाल के दौरान बिहार में साढ़े पांच लाख नौकरियां दी गईं। इसके अलावा साढ़े तीन लाख रिक्तियां छोड़े जाने की भी बात कही।

एजाज अहमद ने दो लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और बिहार के विकास से जुड़े कामों को आगे बढ़ाया।

हालांकि, आरजेडी प्रवक्ता द्वारा बताए गए रोजगार संबंधी आंकड़े उनके राजनीतिक दावे हैं। इन आंकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन इस खबर में नहीं किया गया है।

भाजपा को अपने कार्यकाल में झांकने की नसीहत

आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने कामकाज की समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने भाजपा नेताओं से अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और राजनीतिक आचरण पर विचार करने की बात कही।

आरजेडी ने भाजपा के राजनीतिक आरोपों का जवाब रोजगार और विकास के मुद्दों के जरिए देने की कोशिश की है।

वहीं, भाजपा नेता के पोस्ट में आरजेडी के शासनकाल और तेजस्वी यादव की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

इस प्रकार दोनों दलों के बीच रोजगार, कानून व्यवस्था और विकास से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद एक बार फिर सामने आए हैं।

दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक प्रतीकों पर विवाद

बिहार समेत पूरे देश में दुर्गा पूजा का त्योहार मनाया जा रहा है। ऐसे समय में भाजपा नेता द्वारा साझा की गई तस्वीर में धार्मिक पात्रों और प्रतीकों के इस्तेमाल ने राजनीतिक बहस को नया रूप दिया है।

हिंदू धार्मिक परंपरा में माता दुर्गा शक्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानी जाती हैं। वहीं, रावण का चरित्र दशहरा और विजयादशमी से जुड़ी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भाजपा नेता ने इन्हीं प्रतीकों के माध्यम से अपने राजनीतिक विरोधी पर निशाना साधा है।

राजनीतिक प्रचार में धार्मिक और पौराणिक प्रतीकों का इस्तेमाल नया नहीं है, लेकिन ऐसे चित्रों और टिप्पणियों को लेकर अक्सर मतभेद सामने आते हैं।

सोशल मीडिया पर तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

सोशल मीडिया अब राजनीतिक संवाद और आरोप-प्रत्यारोप का प्रमुख माध्यम बन चुका है। नेता अपनी बात सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए एक्स, फेसबुक और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं।

नीरज कुमार शर्मा के इस पोस्ट ने भी बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।

एक तरफ भाजपा नेता ने तेजस्वी यादव पर रोजगार और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ आरजेडी ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का दावा करते हुए उन आरोपों का जवाब दिया है।

इस पूरे विवाद में राजनीतिक तस्वीर के साथ लिखी गई टिप्पणियां चर्चा का केंद्र बन गई हैं।

बिहार की राजनीति में फिर आमने-सामने भाजपा और आरजेडी

बिहार में भाजपा और राष्ट्रीय जनता दल के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लंबे समय से बनी हुई है। दोनों दल रोजगार, कानून व्यवस्था, विकास और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं।

ताजा घटनाक्रम में भाजपा नेता द्वारा तेजस्वी यादव को रावण के रूप में दिखाने वाली पोस्ट ने इसी राजनीतिक टकराव को नई चर्चा दी है।

आरजेडी ने अपने जवाब में रोजगार और विकास के दावों को प्रमुखता दी है, जबकि भाजपा नेता ने विपक्ष के राजनीतिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया पोस्ट और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं तक केंद्रित है। आगे दोनों दल इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।

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