बिहार

पीएम मोदी के जन्मदिन पर बिहार में सियासत तेज

Kavita2
18 Sept 2026 9:27 AM IST
पीएम मोदी के जन्मदिन पर बिहार में सियासत तेज
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पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान राजधानी पटना समेत कई स्थानों पर हजारों दीप जलाए गए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई भाजपा नेताओं ने हिस्सा लिया। वहीं, इस आयोजन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर पटना के मरीन ड्राइव, पाटलिपुत्रा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मुख्यमंत्री आवास और भाजपा कार्यालय समेत कई स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान दीप जलाकर प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की गई।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसेवक आवास में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। इसके अलावा उन्होंने अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लिया। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसमें कलाकारों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

भाजपा नेताओं ने इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के प्रति जनता के सम्मान और समर्थन का प्रतीक बताया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री के जन्मदिन को सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के रूप में मनाया जा रहा है।

हालांकि, इस आयोजन को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे लेकर आलोचना की। पार्टी ने आयोजन को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और राजनीतिक संदेश देने का आरोप लगाया।

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की मीडिया पैनलिस्ट प्रियंका भारती ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए कार्यक्रम पर तंज कसा। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए आयोजन को लेकर सवाल उठाए और अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।

कार्यक्रम को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस ने बिहार के सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। जहां भाजपा इसे प्रधानमंत्री के प्रति लोगों के सम्मान और शुभकामनाओं का आयोजन बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक प्रचार से जोड़कर देख रहा है।

चुनावी माहौल में नेताओं और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो जाता है। ऐसे में प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े इस आयोजन को लेकर भी अलग-अलग दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बड़े सार्वजनिक आयोजनों को लेकर अक्सर सत्ताधारी दल और विपक्ष अपने-अपने नजरिए से प्रतिक्रिया देते हैं। एक ओर जहां समर्थक इसे जनभागीदारी वाला कार्यक्रम बताते हैं, वहीं विरोधी दल आयोजन के स्वरूप और उद्देश्य पर सवाल उठाते हैं।

फिलहाल ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी जारी है। भाजपा की ओर से इसे उत्सव और जनसंपर्क अभियान के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे लेकर अपनी आपत्तियां और आलोचनाएं सामने रखी हैं।

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