बिहार

अशोकधाम हादसे पर PK का हमला, सरकार पर उठाए सवाल

Kavita2
18 Aug 2026 3:14 PM IST
अशोकधाम हादसे पर PK का हमला, सरकार पर उठाए सवाल
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लखीसराय। बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी को हुई भगदड़ की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को लखीसराय पहुंचकर हादसे में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राज्य सरकार व जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि अशोकधाम मंदिर में हुई भगदड़ प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा कि सात महिला श्रद्धालुओं की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने के बाद भी सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।

पीके ने पीड़ित परिवारों और घायलों से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार ने सात निर्दोष लोगों की जिंदगी की कीमत केवल चार-चार लाख रुपये मुआवजे के रूप में तय कर दी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आर्थिक सहायता देकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता।

प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना पहले से रहती है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन इंतजामों को मजबूत रखा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोकधाम मंदिर में इन व्यवस्थाओं की कमी के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ।

उन्होंने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोग पूजा-अर्चना और भगवान के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे। उनके परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। ऐसे में सरकार को केवल मुआवजे की घोषणा करने के बजाय घटना की पूरी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

जन सुराज के सूत्रधार ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई होती तो इस तरह की त्रासदी को टाला जा सकता था। उन्होंने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

गौरतलब है कि सावन की तीसरी सोमवारी के मौके पर अशोकधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।

घटना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया था। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की गई। हालांकि, विपक्ष और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए पहले से ठोस योजना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

पीके ने पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि हादसे से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना जरूरी है और सरकार को भी संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल मुआवजा देना समस्या का समाधान नहीं है। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मंदिरों और बड़े आयोजनों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की।

इस हादसे को लेकर बिहार की राजनीति में भी गर्माहट बढ़ गई है। विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं और घटना की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई और जांच की बात कही गई है।

अशोकधाम भगदड़ की घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।

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