
Bihar बिहार: पटना के पास प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया में नए प्रावधान लागू किए गए हैं। पाटलिपुत्र क्षेत्र में बनने वाली इस टाउनशिप को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमीन मालिकों को विशेष परिस्थितियों में राहत दी जाएगी और भूमि से जुड़े लेनदेन पर भी कुछ छूट प्रदान की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण (ट्रांसफर) और लीज की अनुमति दी गई है। इससे प्रभावित भूमि मालिक अपनी संपत्ति से जुड़े अधिकारों का उपयोग कुछ शर्तों के साथ कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता और लचीलापन बढ़ेगा।
मुआवजे के प्रावधानों के अनुसार शहरी क्षेत्र की जमीन के लिए मालिकों को बाजार मूल्य या एमवीआर (Minimum Value Register) का दो गुना भुगतान किया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि के लिए यह राशि और अधिक रखी गई है। ग्रामीण जमीन मालिकों को बाजार मूल्य या एमवीआर का चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तय मुआवजा राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिससे प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सके।
विशेष रूप से पुनपुन नगर पंचायत (नपं) के छह वार्डों की जमीन के लिए एमवीआर के दो गुना भुगतान का प्रावधान किया गया है। यह कदम उन क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जहां शहरी विस्तार और विकास परियोजनाओं का प्रभाव अधिक पड़ने की संभावना है।
यह पूरी योजना पटना जिले के नौ प्रखंडों के 274 राजस्व गांवों को कवर करेगी। इनमें दनियावां, धनरुआ, फतुहा, मसौढ़ी, नौबतपुर, पटना ग्रामीण, फुलवारी, पुनपुन और संपतचक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में भूमि अधिग्रहण और विकास कार्य आने वाले समय में तेजी पकड़ सकते हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य पटना के आसपास एक आधुनिक शहरी ढांचा विकसित करना है, जिससे राजधानी पर बढ़ते जनसंख्या और आवासीय दबाव को कम किया जा सके। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि भूमि अधिग्रहण जैसे मामलों में आमतौर पर स्थानीय स्तर पर कुछ असंतोष भी देखने को मिलता है, लेकिन सरकार का दावा है कि इस बार मुआवजा दर और अतिरिक्त प्रोत्साहन के कारण किसानों और जमीन मालिकों को बेहतर लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की ग्रीनफील्ड टाउनशिप परियोजनाएं शहरी विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन इनके सफल क्रियान्वयन के लिए स्थानीय लोगों के साथ संवाद और पारदर्शी प्रक्रिया बेहद जरूरी होती है।
फिलहाल इस प्रस्तावित योजना को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और जमीन मालिक मुआवजा और नियमों को लेकर विस्तार से जानकारी हासिल कर रहे हैं।





