बिहार

पटना: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी

Saba Naaz
3 July 2026 8:06 PM IST
पटना: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी
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पटना: फुलवारीशरीफ इलाके में साइबर अपराध का बड़ा मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड प्राध्यापक को 13 दिनों तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर 82.53 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की पहचान सेवानिवृत्त प्राध्यापक मो. गयासुद्दीन के रूप में हुई है। अपराधियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर 27 मार्च को फोन किया और कहा कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में हुआ है। उन्हें यह भी बताया गया कि उनके नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध लेन-देन के गंभीर मामले दर्ज हैं और गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।

ठगों ने डर और दबाव बनाने के लिए व्हाट्सएप और स्काइप वीडियो कॉल के जरिए लगातार निगरानी रखी। उन्हें फर्जी सरकारी दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और जाली गिरफ्तारी वारंट भी भेजे गए, जिससे वे पूरी तरह डर गए और 13 दिनों तक कैमरे के सामने ही रहे। इस दौरान आरोपियों ने उन्हें यूपीआई और आरटीजीएस के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। डर के कारण पीड़ित दो बार बैंक भी गए, लेकिन किसी को कुछ नहीं बताया। धीरे-धीरे उनकी पूरी जमा पूंजी ठग ली गई।

कैमरा बंद होने के बाद भी जून के अंत तक उन्हें धमकियां मिलती रहीं, ताकि वे किसी से संपर्क न करें। बाद में एक परिचित के आने पर मामला सामने आया, जिसके बाद परिजन उन्हें साइबर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उन्हें फ्रीज करने और आरोपियों के तकनीकी सुराग तलाशने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के कॉल या धमकियों पर विश्वास न करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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