
Bihar बिहार: पटना में खान सर के कोचिंग इंस्टीट्यूट के बाहर हाल ही में हुई फायरिंग की घटना से जुड़े मामले में एक अहम कानूनी विकास सामने आया है। पटना डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने मंगलवार को एजुकेटर फैसल खान, जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है, की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह फैसला आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एक केस में सुनाया गया, जिससे उन्हें फिलहाल अंतरिम राहत मिल गई है।
यह पूरा मामला कदमकुआं थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 2 जून को कथित तौर पर खान सर के कोचिंग इंस्टीट्यूट के बाहर गोलियां चलाई गई थीं। इस घटना में एक सिक्योरिटी गार्ड घायल हो गया था, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में कई अहम सुराग जुटाए।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सेक्शन 109 और 418/2026 तथा आर्म्स एक्ट के सेक्शन 25(9), 27 और 35 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर में खान सर समेत कुल तीन लोगों को नामजद किया गया था। मामले में दावा किया गया कि यह FIR एक वायरल वीडियो से जुड़ी है, जिसमें दो सिक्योरिटी गार्ड कथित तौर पर फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बाद में पुलिस ने इन दोनों गार्ड्स को गिरफ्तार कर लिया था।
इस पूरे मामले की सुनवाई पटना सिविल कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष हुई, जहां गिरफ्तारी से जुड़ी कार्रवाई पर विस्तृत विचार किया गया। अदालत में दोनों पक्षों की दलीलों को सुना गया और दस्तावेजों की समीक्षा की गई।
VIDEO | Patna: Khan Sir's lawyer, Arvind Kumar Mavvar says, “An anticipatory bail application had been filed, and interim protection has been granted in that matter. In simple terms, this means that arrest has been stayed. Until a decision is made and until the next hearing date,… pic.twitter.com/f1gRGIgAD2
— Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026
सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए फैसल खान की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी। अदालत के इस आदेश के बाद खान सर को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी की आशंका बनी हुई थी।
अदालत के इस निर्णय के बाद यह मामला अब आगे की कानूनी प्रक्रिया में जाएगा, जहां जांच और सबूतों के आधार पर अगली सुनवाई में विस्तृत विचार किया जाएगा। पुलिस की ओर से कहा गया है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद कोचिंग संस्थान और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
खान सर के समर्थकों ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसे का संकेत बताया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी और सभी तथ्यों को सामने लाया जाएगा।
कुल मिलाकर, पटना में हुए इस फायरिंग मामले ने शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल कोर्ट के आदेश से खान सर को राहत मिली है, लेकिन मामले की जांच और अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





