
Bihar बिहार: बिहार की राजधानी पटना में बाढ़ जैसे हालात के बीच गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। गंगा नदी में उमानाथ मंदिर के पास एक नाव पलटने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है। नाव में करीब 15 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब लोग रोजमर्रा की जरूरत के सामान, खासकर सब्जियां लेकर नदी पार कर रहे थे। यह घटना सुबह लगभग 5 बजे के आसपास हुई बताई जा रही है। अचानक हुए इस हादसे से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और नदी किनारे चीख-पुकार मच गई।
हादसे में जिन तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, उनकी पहचान लीला देवी (40), नीलम कुमारी (30) और काशी कुमार (15) के रूप में की गई है। अन्य लोगों की तलाश के लिए स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
VIDEO | Bihar: Several feared dead after a boat capsized in the Ganga river near Umanath Ganga Ghat in Barh sub division of Patna district.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 28, 2026
An eyewitness says, "There were approximately 14 to 15 people on the boat. Around seven people are feared drowned. Others were rescued… pic.twitter.com/N7SiUfSII2
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय नदी में तेज हवाएं चल रही थीं, जिसके कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह बीच धारा में पलट गई। हालांकि, हादसे के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। कुछ लोगों का मानना है कि नाव पर क्षमता से अधिक भार होने और तेज बहाव के कारण यह दुर्घटना हुई।
हादसे के बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोग और नाविक तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बिना देरी किए नदी में कूदकर कई यात्रियों को बचाने की कोशिश की और कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, इससे पहले कि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचती।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है, और लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की टीम को तैनात किया गया है। नदी में दृश्यता कम होने और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी संभावित प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजा जा सके। साथ ही, नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
यह हादसा एक बार फिर नदी पार करने के दौरान सुरक्षा इंतजामों की कमी और छोटे साधनों पर निर्भरता को उजागर करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग दैनिक जरूरतों के लिए नावों पर निर्भर रहते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है।
फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और परिजन अपने लापता प्रियजनों की तलाश में नदी किनारे डटे हुए हैं।





