
नालंदा ; नालंदा पुलिस लाइन में मंगलवार को एक गौरवपूर्ण और भावुक माहौल के बीच जहानाबाद और अरवल जिले के 162 प्रशिक्षु पुलिस जवानों का दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जवानों ने विधिवत रूप से पुलिस सेवा में कदम रखा। समारोह में मगध प्रक्षेत्र के आईजी जितेंद्र राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने सभी प्रशिक्षु जवानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर आईजी ने जवानों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल जिम्मेदारी का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की सुरक्षा और विश्वास से जुड़ी होती है।
शानदार परेड से दिखाया अनुशासन और क्षमता
दीक्षांत समारोह के दौरान प्रशिक्षु पुलिस जवानों ने शानदार परेड का प्रदर्शन किया। जवानों के कदमताल, अनुशासन और आत्मविश्वास ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
मगध प्रक्षेत्र के आईजी जितेंद्र राणा ने परेड की सलामी ली। जवानों ने पूरी तैयारी और अनुशासन के साथ अपने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
परेड मैदान में जवानों का उत्साह देखते ही बन रहा था। वर्दी में सजे जवानों के चेहरे पर जिम्मेदारी संभालने का गर्व साफ दिखाई दे रहा था।
आईजी ने जवानों को दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ
समारोह में आईजी जितेंद्र राणा ने सभी प्रशिक्षु जवानों को पुलिस सेवा से जुड़ी शपथ दिलाई। उन्होंने जवानों से कानून व्यवस्था बनाए रखने, निष्पक्ष होकर काम करने और आम जनता के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार जनता के बीच पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करता है। इसलिए हर जवान को अपने आचरण और कार्यशैली से लोगों का विश्वास जीतना चाहिए।
आईजी ने कहा कि पुलिस सेवा चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन समाज की सुरक्षा और सहायता करने का अवसर भी प्रदान करती है।
ऐतिहासिक दिन को लेकर भावुक हुए जवान
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जब जवान परेड मैदान से बाहर निकले तो कई जवान भावुक हो गए। उनके लिए यह दिन जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था।
कई जवानों ने कहा कि लंबे प्रशिक्षण और मेहनत के बाद आज उन्हें पुलिस सेवा में शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने इस दिन को अपने जीवन का ऐतिहासिक और अविस्मरणीय दिन बताया।
कुछ जवानों की आंखों में खुशी और गर्व के आंसू भी दिखाई दिए। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की मौजूदगी ने इस पल को और खास बना दिया।
स्वजनों ने तालियों से बढ़ाया उत्साह
समारोह में बड़ी संख्या में जवानों के परिजन मौजूद रहे। अपने बेटे, भाई और परिवार के सदस्यों को पुलिस की वर्दी में देखकर परिजनों के चेहरे पर खुशी और गर्व नजर आया।
जब जवानों ने परेड में हिस्सा लिया तो मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। परिजनों ने जवानों का उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कई परिवारों के लिए यह पल भावनात्मक और गर्व से भरा हुआ था।
कठिन प्रशिक्षण के बाद मिली नई जिम्मेदारी
इन 162 जवानों ने पुलिस सेवा में शामिल होने से पहले कठिन प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कानून व्यवस्था, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, आपदा प्रबंधन, अनुशासन और पुलिस कार्यप्रणाली से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण का उद्देश्य जवानों को हर परिस्थिति में बेहतर तरीके से काम करने के लिए तैयार करना था।
अब ये जवान अपने-अपने जिलों में पुलिस विभाग की जिम्मेदारियों को संभालेंगे।
बेहतर पुलिस सेवा के लिए किया प्रेरित
आईजी जितेंद्र राणा ने जवानों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे हमेशा अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दें और समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए तत्पर रहें।
उन्होंने जवानों को तकनीक के इस्तेमाल, कानून की जानकारी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पुलिस की सफलता केवल अपराध नियंत्रण से नहीं, बल्कि जनता के भरोसे से भी तय होती है।
समारोह में अधिकारियों की रही मौजूदगी
दीक्षांत समारोह के दौरान पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी प्रशिक्षु जवानों को शुभकामनाएं दीं और ईमानदारी से सेवा करने का संदेश दिया।
समारोह का आयोजन पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ किया गया।
पुलिस विभाग को मिले नए जवान
162 प्रशिक्षु जवानों के प्रशिक्षण पूरा करने के साथ ही पुलिस विभाग को नई ताकत मिली है। इन जवानों की तैनाती से जहानाबाद और अरवल जिलों में पुलिस व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दीक्षांत समारोह ने न केवल जवानों के जीवन में एक नई शुरुआत की, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी गर्व का अवसर प्रदान किया।
यह दिन इन जवानों के लिए हमेशा यादगार रहेगा, जब उन्होंने प्रशिक्षण से निकलकर पूरी जिम्मेदारी के साथ पुलिस सेवा में कदम रखा।





