बिहार

पप्पू यादव का बड़ा बयान: “बिहार में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक राहुल गांधी की विचारधारा से जुड़े

SHIDDHANT
20 Oct 2025 7:25 PM IST
पप्पू यादव का बड़ा बयान: “बिहार में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक राहुल गांधी की विचारधारा से जुड़े
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Patna पटना। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है। पूर्णिया से सांसद यादव ने कहा कि राज्य में पिछड़ी जातियों, दलितों और अल्पसंख्यक समुदायों का झुकाव कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विचारधारा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब रोजगार, शिक्षा और पलायन के सवाल पर राजनीतिक दलों से जवाब चाहती है, लेकिन सत्ता और विपक्ष दोनों के नेता “घर में सोए हुए हैं” जबकि जनता अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रही है। पप्पू यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “बिहार के लोग अब बदलाव चाहते हैं। जो पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग हैं, वे राहुल गांधी की उस विचारधारा से जुड़ रहे हैं जो समानता और सम्मान की बात करती है। बिहार की हालत यह है कि लोग मजबूर होकर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जा रहे हैं, और यहां के नेता कुर्सी की राजनीति में व्यस्त हैं।”
उन्होंने नीतीश कुमार और महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में नेतृत्व की कमी है। यादव ने कहा, “गठबंधन के नेता घरों में सोए हुए हैं, जबकि जनता मेहनत कर रही है। राज्य में विकास के नाम पर सिर्फ आंकड़े गिनाए जा रहे हैं, जमीन पर कोई काम नहीं है। सांसद ने राज्य में पलायन को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि हर साल लाखों लोग रोजगार की तलाश में बिहार से बाहर जा रहे हैं, लेकिन सरकार के पास ठोस नीति नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा और रोजगार पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में बिहार की स्थिति और बदतर हो सकती है। यादव ने राहुल गांधी की “भारत जोड़ो न्याय यात्रा” का जिक्र करते हुए कहा कि इस यात्रा ने आम लोगों के बीच नई राजनीतिक चेतना जगाई है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए—रोजगार, महंगाई, और सामाजिक न्याय—वही आज बिहार के लोग महसूस कर रहे हैं। अब जनता किसी के झांसे में नहीं आने वाली।
सांसद ने संकेत दिया कि वह आने वाले विधानसभा चुनाव में बड़े राजनीतिक समीकरण का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि उन्होंने किसी दल से गठबंधन को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता बिहार को आत्मनिर्भर बनाना और युवाओं को राज्य में ही रोजगार देना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पप्पू यादव की सक्रियता और उनके बयान बिहार की बदलती सियासी दिशा की ओर इशारा कर रहे हैं। यादव लगातार सामाजिक न्याय और विकास के मुद्दों को उठाते रहे हैं, जिससे वे प्रदेश के ग्रामीण और पिछड़े तबकों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
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