बिहार

सुधा दूध केंद्र खोलें और कमाएं, सरकार देगी आर्थिक सहायता

Saba Naaz
14 July 2026 7:23 PM IST
सुधा दूध केंद्र खोलें और कमाएं, सरकार देगी आर्थिक सहायता
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गया। बिहार के गया जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की सभी 331 पंचायतों में जीविका सुधा दूध बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और गांवों में गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाना है।

जीविका और काम्फेड के संयुक्त प्रयास से शुरू की जा रही इस योजना के तहत दूध बिक्री केंद्रों का संचालन महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इससे महिलाओं को न केवल आर्थिक स्वतंत्रता मिलेगी, बल्कि उन्हें व्यवसाय संचालन और नेतृत्व का अवसर भी प्राप्त होगा।

जिला परियोजना प्रबंधक आचार्य मम्मट ने बताया कि यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जीविका लगातार महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। सुधा दूध बिक्री केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

योजना के तहत प्रत्येक पंचायत से एक महिला का चयन किया जाएगा। चयनित महिला मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की लाभार्थी होगी और उसे दूध बिक्री केंद्र संचालित करने का अवसर मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक महिलाएं इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।

युवा पेशेवर पशुधन आतिश कुमार ने बताया कि चयनित महिलाओं को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी महिला को 60 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा महिला को 15 हजार रुपये का अंशदान करना होगा। इस तरह कुल 75 हजार रुपये के निवेश से दूध बिक्री केंद्र स्थापित किया जाएगा।

इस राशि का उपयोग केंद्र को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए किया जाएगा। इसमें डीप फ्रीजर, विजी कूलर, दुकान की ब्रांडिंग, परिवहन सहायता और दुकान की मरम्मत या पेंटिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए शुरुआती स्तर पर काफी मदद मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार, सुधा दूध बिक्री केंद्र खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आसानी से दूध और अन्य डेयरी उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

इस योजना को महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

गया जिले की सभी पंचायतों में केंद्र खुलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। वहीं, चयनित महिलाएं अपने गांव में ही व्यवसाय शुरू कर सकेंगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान दे सकेंगी।

सरकार और जीविका समूह की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम बन सकती है। आवेदन प्रक्रिया जारी होने के कारण इच्छुक महिलाओं से जल्द आवेदन करने की अपील की गई है, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

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