
बिहार: भोजपुर जिले में आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। गड़हनी प्रखंड स्थित पशु चिकित्सालय के कार्यालय परिचारी (ऑफिस अटेंडेंट) शिवानंद कुमार सिंह के तीन ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की गई। जांच के दौरान निगरानी टीम को करोड़ों रुपये की संपत्ति, जमीन के दस्तावेज और महंगी गाड़ियां मिली हैं।
निगरानी विभाग के अनुसार, शिवानंद कुमार सिंह और उनकी पत्नी चांदनी सिंह के नाम पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक मूल्य की 34 अचल संपत्तियों का पता चला है। इसके अलावा करीब 17 लाख 24 हजार रुपये कीमत के तीन वाहन भी बरामद किए गए हैं। इनमें सबसे खास महिंद्रा थार गाड़ी शामिल है। इसके अलावा दो मोटरसाइकिल भी मिली हैं।
अधिकारियों ने बताया कि शिवानंद कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपनी ज्ञात आय से करीब 1 करोड़ 6 लाख 62 हजार रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। यह उसकी कुल आय से लगभग 253 प्रतिशत ज्यादा है।
निगरानी टीम ने कोर्ट से सर्च वारंट लेने के बाद भोजपुर स्थित आरोपी के आवास, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। टीम ने जमीन से जुड़े 15 खरीद के दस्तावेज, 12 बिक्री के दस्तावेज और तीन जमीन एग्रीमेंट के कागजात बरामद किए हैं। इसके अलावा एक मोरगेज डीड के दस्तावेज भी मिले हैं।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को आरोपी के पांच बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। इन खातों में करीब 68 हजार 233 रुपये जमा पाए गए हैं। हालांकि निगरानी टीम जमीन और अन्य संपत्तियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है, जिसके बाद संपत्ति के वास्तविक मूल्य और स्रोत की जांच पूरी होगी।
निगरानी अधिकारियों के मुताबिक, शिवानंद कुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव का रहने वाला है। वह गड़हनी प्रखंड के पशु चिकित्सालय में कार्यालय परिचारी के पद पर कार्यरत है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतने कम वेतन वाले पद पर रहते हुए उसने इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित की।
जांच एजेंसी अब बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है। जमीन की खरीद-बिक्री, बैंक खातों और वाहनों से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी टीम ने बताया कि आरोपी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पूछताछ के दौरान संपत्ति अर्जित करने के स्रोत और निवेश से जुड़े सवाल किए जाएंगे। यदि जांच में अनियमितता और अवैध कमाई के प्रमाण मिलते हैं तो आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति रखने वाले कर्मचारियों पर निगरानी विभाग की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। हाल के वर्षों में बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रहा है, जहां सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप सामने आए हैं।
भोजपुर की यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल निगरानी विभाग बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच में जुटा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





