बिहार

पटना मेयर सीता साहू समेत 27 हजार लोगों को नोटिस

Kavita2
18 Aug 2026 10:49 AM IST
पटना मेयर सीता साहू समेत 27 हजार लोगों को नोटिस
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पटना। पटना नगर निगम ने शहर में रिहायशी मकानों में कथित रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में पटना की मेयर सीता साहू को भी नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर की जा रही है।

मेयर सीता साहू समेत करीब 27 हजार लोगों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। नगर निगम ने इन सभी लोगों से 19 अगस्त को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है। नोटिस मिलने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।

रिहायशी मकान में व्यावसायिक गतिविधि का आरोप

नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि कई लोगों ने अपने रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं। नियमों के अनुसार जिन क्षेत्रों को आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित किया गया है, वहां बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

नगर निगम का कहना है कि शहर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां आवासीय संपत्तियों का उपयोग दुकानों, कार्यालयों या अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है।

इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।

19 अगस्त को देना होगा जवाब

नगर निगम ने नोटिस पाने वाले सभी लोगों को 19 अगस्त को संबंधित अधिकारियों के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है। लोगों को यह बताना होगा कि उनके भवन में संचालित गतिविधियां नियमों के अनुसार हैं या नहीं।

अगर कोई व्यक्ति तय तारीख पर उपस्थित नहीं होता है या संतोषजनक जवाब नहीं देता है, तो नगर निगम आगे की कार्रवाई कर सकता है।

नगर निगम के अनुसार, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भवनों को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

मेयर का नाम आने से बढ़ी राजनीतिक चर्चा

पटना की मेयर सीता साहू को नोटिस जारी होने के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा से जुड़ी सीता साहू वर्तमान में पटना नगर निगम की मेयर हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जब खुद नगर निगम की प्रमुख को ही नोटिस मिला है तो यह कार्रवाई कितनी व्यापक होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

हालांकि, नगर निगम का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के आधार पर की जा रही है और इसमें किसी व्यक्ति विशेष को निशाना नहीं बनाया गया है।

सूची में कई चर्चित लोगों के नाम

बताया जा रहा है कि नोटिस पाने वालों की सूची में पटना के कई बड़े और चर्चित लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।

नगर निगम का उद्देश्य शहर में भवन उपयोग नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। अधिकारियों का कहना है कि सभी लोगों को समान रूप से प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। अदालत ने शहरों में नियमों के विपरीत भूमि और भवन उपयोग को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।

इसी के तहत नगर निकायों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि आवासीय क्षेत्रों में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित न हों।

शहर में नियमों के पालन पर जोर

पटना जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में भवनों के उपयोग को लेकर लगातार बदलाव हो रहे हैं। कई इलाकों में आवासीय क्षेत्रों में दुकानों, कोचिंग संस्थानों, कार्यालयों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की शिकायतें सामने आती रही हैं।

नगर निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शहर में व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना और भवन उपयोग नियमों को लागू करना है।

आगे की कार्रवाई पर नजर

अब सभी की नजर 19 अगस्त को होने वाली सुनवाई और लोगों की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर है। नगर निगम इन जवाबों की समीक्षा करेगा और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई तय करेगा।

यदि जांच में किसी भवन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो सीलिंग जैसी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जिन लोगों के पास वैध अनुमति या दस्तावेज होंगे, उन्हें राहत मिलने की संभावना है।

पटना मेयर सीता साहू को नोटिस मिलने के बाद यह मामला भले ही राजनीतिक चर्चा में आ गया हो, लेकिन नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई व्यापक अभियान का हिस्सा है और इसका उद्देश्य शहर में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

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