बिहार

यूपी चुनाव से पहले वाराणसी पहुंचे निशांत कुमार

Rajeshwari Nishad
1 Nov 2026 5:26 PM IST
यूपी चुनाव से पहले वाराणसी पहुंचे निशांत कुमार
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उनके साथ जेडीयू के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। निशांत कुमार का यह दौरा उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, निशांत कुमार उत्तर प्रदेश चुनाव से संबंधित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वाराणसी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जेडीयू कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर पार्टी की गतिविधियों और संगठन से जुड़े विषयों पर बातचीत की। वाराणसी में पार्टी नेताओं के साथ उनकी मौजूदगी को उत्तर प्रदेश में जेडीयू की राजनीतिक सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है।
जेडीयू उत्तर प्रदेश में अपनी संगठनात्मक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पार्टी की रणनीति है कि विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए और स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत बनाया जाए। इसी उद्देश्य से वाराणसी में प्रदेशस्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी भी रखी गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वाराणसी के रोहनिया विधानसभा क्षेत्र में करौता बाजार स्थित मैदान में जेडीयू का प्रदेशस्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और उत्तर प्रदेश जेडीयू अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल सहित कई नेताओं की भागीदारी रही। सम्मेलन का उद्देश्य पार्टी संगठन का विस्तार करना और आगामी चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना था।
निशांत कुमार के वाराणसी दौरे का धार्मिक महत्व भी रहा। उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर में दर्शन के दौरान उनके साथ पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। काशी विश्वनाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
निशांत कुमार इससे पहले सितंबर में भी वाराणसी के दौरे पर पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के साथ गंगा आरती में भाग लिया था। उन्होंने वाराणसी के पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह में भी दर्शन-पूजन किया था। इस दौरान स्थानीय जेडीयू पदाधिकारियों के साथ उनकी बैठक हुई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार को लेकर चर्चा की गई थी।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। जेडीयू भी इस बार उत्तर प्रदेश में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहती है। पार्टी का विशेष ध्यान पूर्वांचल और बिहार की सीमा से जुड़े जिलों पर माना जा रहा है। इन इलाकों में जेडीयू अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
वाराणसी में आयोजित सम्मेलन को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि चुनाव से पहले बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़े। इसके लिए स्थानीय पदाधिकारियों को संगठनात्मक जिम्मेदारियां देने और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
जेडीयू के लिए उत्तर प्रदेश में चुनावी चुनौती आसान नहीं है। पार्टी बिहार में लंबे समय से सत्ता और गठबंधन की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश में उसका संगठन अपेक्षाकृत सीमित है। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने 27 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे किसी भी सीट पर जीत नहीं मिली थी। ऐसे में आगामी चुनाव पार्टी के लिए संगठनात्मक ताकत और जनाधार बढ़ाने का अवसर माना जा रहा है।
निशांत कुमार की राजनीतिक सक्रियता को भी इस दौरे से जोड़कर देखा जा रहा है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पार्टी की गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कार्यकर्ता सम्मेलन में उनकी भागीदारी को पार्टी के विस्तार अभियान में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बीच उत्तर प्रदेश में जेडीयू के चुनाव लड़ने के तरीके को लेकर भी चर्चा है। पार्टी बिहार में भारतीय जनता पार्टी के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा रही है। उत्तर प्रदेश में भी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
जेडीयू विधान परिषद सदस्य संजय गांधी ने निशांत कुमार के वाराणसी दौरे से पहले कहा था कि उत्तर प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि निशांत कुमार चुनाव से पहले राज्य का दौरा करें। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए निशांत कुमार आगे भी उत्तर प्रदेश के दौरे कर सकते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से वाराणसी का विशेष महत्व है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और पूर्वांचल की राजनीति का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है। ऐसे में जेडीयू का यहां प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम आयोजित करना पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम कदम है।
वाराणसी के अलावा मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, भदोही और आसपास के जिलों में भी जेडीयू संगठन को सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। पार्टी की तैयारियों की समीक्षा के लिए बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने अक्टूबर में वाराणसी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सम्मेलन की व्यवस्थाओं और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी ली थी।
फिलहाल निशांत कुमार के वाराणसी दौरे ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में जेडीयू की सक्रियता को फिर चर्चा में ला दिया है। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात और चुनावी कार्यक्रम में भागीदारी को जेडीयू के संगठन विस्तार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि वाराणसी से शुरू हुई यह राजनीतिक सक्रियता आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए कितना प्रभावी जनाधार तैयार कर पाती है।
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