बिहार

बारिश में मिड-डे मील पर नई पाबंदी

Kavita2
4 Aug 2026 10:25 AM IST
बारिश में मिड-डे मील पर नई पाबंदी
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पटना। बरसात के मौसम में सरकारी विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण योजना (मध्याह्न भोजन) की गुणवत्ता और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने राज्य के सभी जिलों के विद्यालयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत बारिश के मौसम में सरकारी स्कूलों में बनने वाले मध्याह्न भोजन में कुछ सब्जियों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार, बरसात के दौरान अब भागलपुर सहित पूरे बिहार के सरकारी विद्यालयों में बैंगन, भिंडी, सभी प्रकार के साग और पत्ता गोभी का उपयोग नहीं किया जाएगा। विभाग ने यह फैसला खाद्य सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है।

अधिकारियों के अनुसार, बारिश के मौसम में नमी और वातावरण में बदलाव के कारण कुछ सब्जियों में जल्दी खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। खासकर पत्तेदार सब्जियों में कीड़े और संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता प्रभावित न हो, इसके लिए इन सब्जियों को मेन्यू से हटाने का निर्णय लिया गया है।

पीएम पोषण योजना के तहत राज्य के लाखों सरकारी विद्यालयों में बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन देना, उनकी उपस्थिति बढ़ाना और स्कूलों से उनका जुड़ाव मजबूत करना है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर शिक्षा विभाग समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करता रहता है।

विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को निर्देश दिया है कि वे नए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। स्कूलों में भोजन तैयार करने वाले रसोइयों और संबंधित कर्मचारियों को भी इस संबंध में जानकारी देने को कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में सब्जियों की उपलब्धता और गुणवत्ता में बदलाव आता है। कई बार बाजार से आने वाली सब्जियों की सही तरीके से जांच नहीं हो पाती, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए सावधानी के तौर पर कुछ सब्जियों के उपयोग पर रोक लगाई गई है।

विद्यालयों में बनने वाले भोजन में अब ऐसी सब्जियों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा, जो बरसात के मौसम में अपेक्षाकृत सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध हों। स्कूल प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि भोजन तैयार करते समय साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और पकाने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाए।

भागलपुर सहित सभी जिलों में शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद विद्यालयों को सतर्क कर दिया गया है। प्रधानाध्यापकों को कहा गया है कि वे पीएम पोषण योजना के तहत बनने वाले भोजन की नियमित निगरानी करें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें।

इसके अलावा, भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री जैसे अनाज, दाल, तेल और मसालों की गुणवत्ता की भी जांच करने को कहा गया है। विभाग का उद्देश्य है कि बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विद्यालय में प्रतिबंधित सब्जियों का इस्तेमाल पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जा सकता है। इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि सभी स्कूलों में नियमों का पालन हो।

पीएम पोषण योजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए मौसम के अनुसार भोजन की सामग्री में बदलाव करना आवश्यक है। बरसात के दौरान खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।

सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन एक महत्वपूर्ण सुविधा है। ऐसे में शिक्षा विभाग का यह कदम बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

फिलहाल सभी जिलों के विद्यालयों में नए निर्देशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इन सावधानियों से पीएम पोषण योजना के तहत मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहतर होगी और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

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