बिहार
बिहार में नया बिल्डिंग बायलॉज मंजूर, 30 फीट चौड़ी सड़क पर बन सकेगी G प्लस 6
Deepa Sahu
22 Feb 2022 11:47 AM IST

x
बिहार के शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिली इमारतों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए नई बिहार बिल्डिंग बाइलॉज को मंजूरी मिल गई है।
बिहार के शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिली इमारतों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए नई बिहार बिल्डिंग बाइलॉज को मंजूरी मिल गई है। इसमें बहुमंजिली इमारतों के निर्माण को लेकर स्पष्ट प्रावधान किए गये हैं। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति दी गई।
उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बताया कि नई बाइलॉज से खासतौर पर ऊंची इमारतों के निर्माण कार्य को बढ़ावा मिलेगा तथा कम क्षेत्रफल में शहर की बढ़ती आबादी की आवास की जरूरतों को पूरा करने में भी इससे मदद मिलेगी। बहुमंजिला भवन के निर्माण के क्रम में निर्माण परिसर में खुले जगह में वृद्धि लाने, ग्रीन एरिया की बेहतर सुविधाओं के दृष्टिकोण से 19 मीटर से ऊपर की ऊंचाई के भवनों के लिए ग्राउंड कवरेज अधिकतम 40 रखा गया है। बहुमंजिला भवनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 40 फीट एवं उससे अधिक चौड़ी सड़क पर इस उपविधि में प्रावधानित अन्य शर्तों के तहत ऊंचाई का प्रतिबंध नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि 25 फीट चौड़ी सड़क पर जी प्लस 4 अधिकतम ऊंचाई 16 मीटर के भवन की अनुमति का प्रावधान रहेगा।
30 फीट चौड़ी सड़क पर जी प्लस 5 अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर के पूर्व के प्रावधानों में संशोधन करते हुए 30 फीट चौड़ी सड़क पर जी प्लस 6 की अधिकतम ऊंचाई 22 मीटर के भवन निर्माण की अनुमति रहेगी। नये नियम में अपार्टमेंट, प्राधिकार, भवन ऊंचाई, फर्श क्षेत्र अनुपात (एफएआर), विरासित प्रक्षेत्र, प्राचीर, मिश्रित भूमि उपयोग, बिल्डर्स, रजिस्ट्रीकृत वास्तुविद्, अभियंता, सड़क चौड़ाई एवं सर्विस फ्लोर आदि बिंदुओं के परिभाषाओं में स्पष्टता लाने के लिए बिहार भवन उपविधि-2014 में संशोधन किये गए हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के मॉडल बिल्डिंग बायलॉज 2016 के आलोक में कुछ परिभाषाओं जैसे- बिल्डिंग एनवेलप, व्यक्ति, भूमि/परिसरों का मुख्य उपयोग, केबिन, लिफ्ट, लॉबी, प्रतिषिद्ध क्षेत्र, लेआउट संरक्षित स्मारक, विनियमित क्षेत्र एवं साइट प्लान को जोड़ा गया है।
गंगा किनारे निर्माण की अनुमति नहीं
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा एवं अन्य नदियों के किनारे निर्माण पर प्रतिबंध से संबंधित प्रावधानों में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं। गंगा के किनारे शहर सुरक्षा दीवार से शहरी इलाके की ओर 15 मीटर भूमि के अंदर, गंगा के किनारे तटबंध के निचले किनारे से शहरी इलाके की ओर 25 मीटर की भूमि के अंदर निर्माण अथवा पुनर्निर्माण की अनुमति नहीं होगी। गंगा के अलावा अन्य नदियों के मामले में अधिकतम आईसोलेटेड किनारे से 30 मीटर की भूमि पट्टी के अंदर किसी भवन के निर्माण या पुनर्निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। नदियों का किनारा अक्षुण्ण रहे तथा उसकी अविरलता और निर्मलता बरकरार रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
Next Story





