
Bihar: गया जी के मगध मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक छात्र का नाम NEET 2026 री-एग्जाम में सामने आए बड़े फर्जीवाड़ा मामले में सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार छात्र अंकित राज को लेकर कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उसे संस्थान से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई है जब पूरे मामले की जांच पहले से ही केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) के स्तर पर चल रही थी।
जानकारी के अनुसार, देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सात स्तरीय निगरानी के बीच आयोजित NEET री-एग्जाम के दौरान लखीसराय जिले में बड़े स्तर पर नकल और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस दौरान पुलिस ने नौ फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया, जबकि बायोमेट्रिक जांच से जुड़े कई कर्मियों को भी हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि असली अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर परीक्षा देने पहुंचे थे और इसके बदले मोटी रकम का लेन-देन किया गया था।
मगध मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने बताया कि छात्र अंकित राज पहले से ही जांच एजेंसियों की निगरानी में था। करीब 15 दिन पहले सीबीआई की टीम कॉलेज पहुंचकर उससे पूछताछ कर चुकी थी और उससे जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। इसके बाद अब गिरफ्तारी और नए खुलासों के बाद कॉलेज प्रशासन ने निष्कासन की कार्रवाई तेज कर दी है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने छात्र के हॉस्टल कमरे की तलाशी ली, जहां से टैबलेट, आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, छात्र पिछले कुछ दिनों से परिसर से भी अनुपस्थित था।
इस पूरे मामले में लखीसराय के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कुल 720 अभ्यर्थियों में से 673 उपस्थित और 47 अनुपस्थित रहे। चार केंद्रों पर हुई छापेमारी में कई फर्जी परीक्षार्थियों की गिरफ्तारी हुई, जिनमें केआरके हाईस्कूल, राजकीय हसनपुर हाईस्कूल और केंद्रीय विद्यालय केंद्र शामिल हैं।
प्रशासन अब पूरे सॉल्वर गैंग की जांच में जुटा है और मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। डीएम और एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





