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बिहार MLC चुनाव को लेकर NDA की रणनीति तेज, नीतीश कुमार ने नेताओं को दिया जीत का मंत्र

Kavita2
1 Oct 2026 9:28 AM IST
बिहार MLC चुनाव को लेकर NDA की रणनीति तेज, नीतीश कुमार ने नेताओं को दिया जीत का मंत्र
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पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एनडीए के साथ ही विपक्षी दल भी चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं। इसी बीच जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं को सभी आठ सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी घटक दल एक साथ चुनाव अभियान चलाएं और मतदाताओं के बीच सरकार के कामकाज को लेकर जाएं।

बुधवार को पटना के सर्कुलर रोड स्थित अपने आवासीय कार्यालय में नीतीश कुमार ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने बिहार विधान परिषद की चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव की तैयारियों की जानकारी ली। बैठक में अलग-अलग सीटों की स्थिति, संगठन की तैयारियों और चुनाव प्रचार को लेकर चर्चा की गई। इसके बाद उन्होंने नेताओं को आवश्यक निर्देश दिए।

नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं से कहा कि सभी आठ सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत के लिए गठबंधन में बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी सीट पर केवल संबंधित दल की जिम्मेदारी नहीं होगी, बल्कि एनडीए के सभी घटक दल मिलकर चुनाव अभियान में उतरें। कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और मतदाताओं तक सीधे पहुंचने पर जोर दिया गया।

उन्होंने अपने नेताओं से कहा कि बिहार के लोगों ने पिछले दो दशकों में राज्य में आए बदलाव को देखा है और सरकार का काम ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मतदाताओं के बीच पूरे विश्वास के साथ जाने और लोगों के सुख-दुख से जुड़े रहने की बात कही। उन्होंने एनडीए के सभी उम्मीदवारों को चुनाव के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

इस चुनाव में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता मिलने की संभावना है, क्योंकि आठों सीटें शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़ी हैं। ऐसे में राजनीतिक दल विशेष रूप से शिक्षकों, स्नातकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटे हैं। बिहार की इन आठ सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान 23 अक्टूबर को होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।

जदयू नेताओं की बैठक में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों को भी मतदाताओं के बीच ले जाने की रणनीति पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे, छात्रवृत्ति और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों की जरूरतों पर ध्यान देने के साथ स्नातकों के लिए भी राज्य में विभिन्न अवसर तैयार किए गए हैं।

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी चुनाव को लेकर एनडीए के पक्ष में दावा किया। उन्होंने कहा कि इन निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता शिक्षित और जागरूक वर्ग से आते हैं और वे शिक्षा क्षेत्र में सरकार के कामकाज का आकलन कर सकते हैं। बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री मौजूद रहे।

दूसरी ओर एनडीए के घटक दलों ने भी अलग से बैठक कर चुनावी रणनीति पर मंथन किया। पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई इस बैठक में भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेताओं ने भाग लिया। बैठक में चुनावी तैयारियों, संगठनात्मक समन्वय और कार्यकर्ता स्तर तक बेहतर तालमेल बनाने पर चर्चा की गई।

एनडीए नेताओं ने यह रणनीति बनाई कि सभी घटक दल अपने-अपने संगठन और कार्यकर्ताओं को साझा अभियान से जोड़ेंगे। मतदाताओं तक पहुंचने के लिए संयुक्त कार्यक्रमों और समन्वित प्रचार पर जोर दिया जाएगा। सरकार की योजनाओं और शिक्षा से संबंधित कामों को भी चुनाव प्रचार में प्रमुखता से रखने की तैयारी है।

आठ सीटों के चुनाव में भाजपा और जदयू ने चार-चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इनके सामने जन सुराज और राजद के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे के प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में इस बार शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का चुनाव कई दलों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबला बन गया है।

नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब चुनाव प्रचार भी गति पकड़ने लगा है। विभिन्न दल अपने उम्मीदवारों के समर्थन में शिक्षक संगठनों, स्नातक मतदाताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ा रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनावी बैठकों और प्रचार अभियानों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

नीतीश कुमार की बैठक को इसी चुनावी तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है। उन्होंने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि आठों सीटों पर चुनाव को गठबंधन की साझा लड़ाई के रूप में लिया जाए। उन्होंने संगठन के नेताओं को मतदाताओं तक सीधे पहुंचने और सरकार के कामकाज को सामने रखने पर जोर दिया है।

फिलहाल बिहार की आठ विधान परिषद सीटों को लेकर चुनावी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है। एनडीए ने संयुक्त रणनीति और घटक दलों के बीच समन्वय पर जोर दिया है, जबकि अन्य राजनीतिक दल भी अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार तेज कर रहे हैं। अब नजर 23 अक्टूबर के मतदान और उसके बाद 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर रहेगी।

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