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नाना पाटेकर के निधन से देशभर में शोक, बिहार के CM सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि

Kavita2
8 Oct 2026 2:03 PM IST
नाना पाटेकर के निधन से देशभर में शोक, बिहार के CM सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि
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पटना। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत के साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी शोक की लहर है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में नाना पाटेकर का निधन हो गया। उनके निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा जगत ने एक महान और बहुमुखी कलाकार को खो दिया है। उन्होंने दिवंगत अभिनेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार तथा प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। नाना पाटेकर के निधन की पुष्टि उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने की है। अभिनेता का निधन गोवा में हुआ, जहां अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया गहरा दुख

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय फिल्म उद्योग के लिए बड़ी क्षति बताया।

उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर अभिनेता के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन की खबर अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने अभिनय से भारतीय सिनेमा में विशिष्ट पहचान बनाई थी।

उन्होंने दिवंगत अभिनेता के परिवार और उनके असंख्य प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

सम्राट चौधरी ने अपने संदेश का समापन 'ॐ शांति' के साथ किया।

भारतीय सिनेमा ने खो दिया बहुमुखी कलाकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 वर्ष की उम्र में नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक महान और बहुमुखी कलाकार खो दिया है।

नाना पाटेकर अपनी विशिष्ट संवाद अदायगी, गंभीर अभिनय और प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए प्रसिद्ध थे।

उन्होंने अपने करियर में अनेक ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें दर्शक आज भी याद करते हैं।

उनकी विशेषता यह रही कि उन्होंने गंभीर, भावनात्मक, सामाजिक और हास्यप्रधान फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की श्रद्धांजलि में कलाकार के प्रति सम्मान और उनके निधन से हुई क्षति का उल्लेख प्रमुखता से किया गया।

गोवा में अचानक बिगड़ी थी तबीयत

रिपोर्टों के अनुसार, नाना पाटेकर गुरुवार सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर बेहोशी की हालत में मिले थे।

इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है।

उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अभिनेता के निधन की पुष्टि की।

इस खबर के सामने आते ही हिंदी और मराठी फिल्म उद्योग से जुड़े कलाकारों तथा प्रशंसकों ने शोक व्यक्त करना शुरू कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि

नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने उनके विशिष्ट अभिनय और फिल्मों में निभाई गई यादगार भूमिकाओं की सराहना की।

उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने अभिनय के माध्यम से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी और उनके किरदारों को आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।

फिल्म जगत के अलावा विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने भी अभिनेता के निधन पर संवेदना व्यक्त की है।

जीतन राम मांझी सहित कई नेताओं ने जताया शोक

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अभिनेता के योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

नाना पाटेकर की लोकप्रियता केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं थी। हिंदी फिल्मों में उनकी प्रभावशाली भूमिकाओं के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में उनके प्रशंसक रहे हैं।

उनके निधन पर राजनीतिक हस्तियों की ओर से श्रद्धांजलि संदेश सामने आना उनकी व्यापक लोकप्रियता को दर्शाता है।

'क्रांतिवीर' से लेकर 'परिंदा' तक यादगार सफर

नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में अनेक यादगार फिल्मों में अभिनय किया।

उन्होंने 'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'प्रहार', 'अग्निसाक्षी', 'तिरंगा', 'वेलकम' और 'नटसम्राट' जैसी फिल्मों में अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

फिल्म 'क्रांतिवीर' में उनके संवाद और अभिनय को विशेष पहचान मिली। वहीं 'परिंदा' में निभाए गए किरदार ने उनके अभिनय की गंभीरता को सामने रखा।

'वेलकम' जैसी हास्यप्रधान फिल्म में उन्होंने दर्शकों को अपने अलग अंदाज से मनोरंजन भी किया।

मराठी फिल्म 'नटसम्राट' में उनके अभिनय को भी काफी सराहना मिली।

नाना पाटेकर ने अलग-अलग प्रकार के किरदारों के माध्यम से यह साबित किया कि उनका अभिनय किसी एक शैली तक सीमित नहीं था।

तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित

नाना पाटेकर को अभिनय के क्षेत्र में योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले।

उन्होंने अपने करियर में तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त किए।

वर्ष 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया था।

उनका फिल्मी सफर लगभग पांच दशकों तक फैला रहा। इस दौरान उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ रंगमंच पर भी महत्वपूर्ण काम किया।

उनकी अभिनय शैली में संवादों का विशिष्ट उच्चारण, चेहरे के भाव और किरदार की गहराई प्रमुख विशेषताएं थीं।

फिल्मी सितारों ने भी व्यक्त किया दुख

नाना पाटेकर के निधन के बाद बॉलीवुड के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी।

अभिनेता अक्षय कुमार, परेश रावल, मनोज बाजपेयी और अभिनेत्री मनीषा कोइराला सहित कई कलाकारों ने उन्हें याद किया।

इन कलाकारों ने नाना पाटेकर के अभिनय, व्यक्तित्व और फिल्म जगत में उनके योगदान की सराहना की।

मनीषा कोइराला ने उनके साथ काम करने के अनुभवों को याद करते हुए उन्हें एक असाधारण कलाकार बताया।

कलाकारों के श्रद्धांजलि संदेशों से स्पष्ट है कि नाना पाटेकर ने केवल दर्शकों के बीच ही नहीं, बल्कि अपने साथी कलाकारों के बीच भी सम्मान अर्जित किया था।

अभिनय के साथ समाजसेवा में भी सक्रिय रहे

नाना पाटेकर फिल्मों के अलावा सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे।

उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर नाम फाउंडेशन की स्थापना की थी।

इस संस्था के माध्यम से महाराष्ट्र में किसानों और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के प्रयास किए गए।

विशेष रूप से सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं को लेकर उन्होंने काम किया।

सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के कारण उन्हें अभिनय से अलग भी पहचान मिली।

नाना पाटेकर का जीवन सिनेमा के साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा रहा।

राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

महाराष्ट्र सरकार ने नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ करने का निर्णय लिया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार पुणे के निकट डोणजे स्थित फार्महाउस पर किए जाने की व्यवस्था की गई है।

महाराष्ट्र सरकार ने हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान देने का निर्णय लिया है।

दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेगा अभिनय

नाना पाटेकर के निधन से हिंदी और मराठी सिनेमा में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया है।

उनके दमदार संवाद, गंभीर अभिनय और अलग अंदाज ने उन्हें भारतीय फिल्म उद्योग में विशिष्ट स्थान दिलाया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार और प्रशंसकों को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की।

नाना पाटेकर भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, यादगार किरदार और अभिनय आने वाली पीढ़ियों के बीच उनकी पहचान बनाए रखेंगे।

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