
मुजफ्फरपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उत्तर बिहार की वाणिज्यिक राजधानी मुजफ्फरपुर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में रंग गई है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए शहर के प्रमुख मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों को आकर्षक रोशनी, फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया है।
शहर के श्रद्धालुओं में जन्माष्टमी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है और लोग भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना के लिए जरूरी सामग्री, पूजा के वस्त्र और सजावटी सामानों की खरीदारी कर रहे हैं।
मंदिरों में हुई आकर्षक सजावट
जन्माष्टमी के अवसर पर हरिसभा चौक स्थित प्राचीन मुरली मनोहर राधा-कृष्ण मंदिर समेत शहर के कई प्रमुख देवालयों को विशेष रूप से सजाया गया है।
मंदिर परिसर में रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और आकर्षक झांकियों की व्यवस्था की गई है। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को सुंदर तरीके से सजाने की तैयारी की गई है।
मंदिर प्रबंधन समितियों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
आधी रात को होगा भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि में हुआ था। इसी कारण जन्माष्टमी के दिन रात 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है।
मुजफ्फरपुर के मंदिरों में भी मध्य रात्रि में विशेष पूजा-अर्चना, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए देर रात तक मंदिरों में पहुंचेंगे।
राधा-कृष्ण मंदिर में विशेष तैयारी
हरिसभा चौक स्थित मुरली मनोहर राधा-कृष्ण मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारी की गई है।
मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए पूजा और दर्शन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मंदिर समिति के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
भक्ति कार्यक्रमों की तैयारी
जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के कई मंदिरों में भजन-कीर्तन, धार्मिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे।
भक्त भगवान श्रीकृष्ण की आराधना में लीन रहेंगे। कई जगहों पर बच्चों को कृष्ण और राधा के स्वरूप में सजाने की भी तैयारी की जा रही है।
बाजारों में बढ़ी रौनक
जन्माष्टमी को लेकर मुजफ्फरपुर के बाजारों में भी काफी चहल-पहल दिखाई दे रही है।
लोग भगवान कृष्ण की मूर्तियां, झूले, पूजा सामग्री, फूल, कपड़े और सजावट के सामान खरीद रहे हैं। खासकर बच्चों के लिए कृष्ण वेशभूषा की मांग बढ़ गई है।
दुकानदारों का कहना है कि इस बार जन्माष्टमी को लेकर लोगों में काफी उत्साह है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क
जन्माष्टमी के दौरान मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है।
भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखने की तैयारी की गई है।
श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर के लोगों में खासा उत्साह है। श्रद्धालु भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
लोगों का कहना है कि जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि आस्था, भक्ति और उत्साह का प्रतीक है।
मुजफ्फरपुर में हर साल जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाती है और इस बार भी मंदिरों में विशेष आयोजन की तैयारी की गई है।
भक्ति और आस्था में डूबा शहर
जन्माष्टमी के अवसर पर पूरा शहर कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आ रहा है। मंदिरों की सजावट, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया है।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालु बेसब्री से मध्य रात्रि के उस पावन क्षण का इंतजार कर रहे हैं, जब मंदिरों में जय कन्हैया लाल की गूंज के साथ नंदलाल का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।





