
Bihar बिहार: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक प्राइवेट अस्पताल का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया है, जहां हाल ही में ICU वार्ड में आग लगने से दम घुटने के कारण छह लोगों की मौत हो गई थी। यह जानकारी शनिवार को एक अधिकारी ने दी।
हादसा गुरुवार को उस समय हुआ, जब ICU वार्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण धुआं भर गया। मौके पर मौजूद स्टाफ कथित तौर पर मरीजों को बीच में छोड़कर भाग गए, जिससे कई लोग दम घुटने से असमय काल के गाल में समा गए। उस दिन पांच मरीजों की घटनास्थल पर ही मौत हुई।
घटना के अगले दिन शुक्रवार को घायल एक अन्य मरीज को दूसरे हेल्थकेयर सेंटर में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई, जिससे मृतकों की संख्या छह तक पहुंच गई। मृतकों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल थे और सभी गंभीर हालत में ICU में भर्ती थे।
अधिकारी ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग और संबंधित जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी थी। जांच में पाया गया कि अस्पताल में सुरक्षा उपायों का पर्याप्त इंतजाम नहीं था। फायर अलार्म और इमरजेंसी एग्ज़िट जैसे जरूरी इंतजामों का अभाव भी सामने आया।
घटना के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद स्थानीय लोग और मरीजों के परिजन अस्पताल के खिलाफ नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस तरह की लापरवाही रोकने और ऐसे मामलों में कड़ा रुख अपनाने की मांग की है।
इस हादसे ने बिहार में स्वास्थ्य सुरक्षा और अस्पतालों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों में आईसीयू और अन्य संवेदनशील विभागों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी न केवल मरीजों के लिए खतरा है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी की भी गंभीर चूक है।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और घायलों के इलाज में कोई कमी न आने का आश्वासन दिया है। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि सभी निजी अस्पतालों में सुरक्षा और फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल का तुरंत निरीक्षण किया जाए।
घटना ने न केवल मुजफ्फरपुर जिले में, बल्कि पूरे राज्य में अस्पतालों में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। अधिकारी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि हादसे की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।





