बिहार

करोड़ों की योजना पर संकट, वन विभाग की अनुमति का इंतजार

Saba Naaz
28 July 2026 3:08 PM IST
करोड़ों की योजना पर संकट, वन विभाग की अनुमति का इंतजार
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बिहार: भोजपुर जिले के बिहिया में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना लंबे समय से अधर में लटकी हुई है। आरा-बक्सर मुख्य मार्ग पर करीब 18.43 करोड़ रुपये की लागत से चल रही फोरलेन सड़क योजना एक साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। अधूरे निर्माण के कारण स्थानीय लोगों, दुकानदारों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह परियोजना एनएच-922 और एसएच-102 के जंक्शन से जुड़े पुराने एनएच-84 के करीब 1.98 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में बदलने के लिए शुरू की गई थी। योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण, आधुनिक नाला निर्माण और जंक्शन को सुरक्षित बनाने जैसे कई काम शामिल हैं। लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण अब तक यह सड़क पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है।

सड़क अधूरी, नाला बना परेशानी का कारण

निर्माण कार्य के दौरान सड़क के दोनों किनारों पर नालों का निर्माण कर दिया गया है, लेकिन सड़क का अंतिम काम अभी बाकी है। स्थिति यह है कि कई जगह नाला सड़क के स्तर से ऊंचा दिखाई दे रहा है। इससे सड़क और आसपास के इलाकों के बीच ऊंचाई का अंतर पैदा हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊंचे नालों के कारण घरों और दुकानों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। बारिश के समय यह समस्या और बढ़ सकती है। वहीं, सड़क के अधूरे हिस्सों और ऊंचे नालों के कारण वाहन चालकों को भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

लोगों का कहना है कि यदि जल्द से जल्द सड़क निर्माण पूरा कर दिया जाए तो इस समस्या से राहत मिल सकती है। लंबे समय से चल रहे इस काम के कारण क्षेत्र के लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है।

पेड़ों की वजह से रुका चौड़ीकरण कार्य

फोरलेन परियोजना में सबसे बड़ी बाधा सड़क किनारे मौजूद पेड़ बने हुए हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए इन पेड़ों को हटाना जरूरी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रभावित पेड़ों की पहले ही नंबरिंग की जा चुकी है, लेकिन अब तक उन्हें हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से अनुमति जरूरी है। इसी कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद ही सड़क चौड़ीकरण का बाकी कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा।

रांची कार्यालय को भेजा गया प्रस्ताव

पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग के रीजनल कार्यालय रांची को प्रस्ताव भेजा गया है। विभाग को उम्मीद है कि अनुमति मिलने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य दोबारा गति पकड़ सकेगा।

अधिकारियों का कहना है कि परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एनओसी मिलने के बाद सड़क के बचे हुए हिस्से, नाला और अन्य निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने की योजना है।

अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी नहीं बदली स्थिति

इस सड़क परियोजना का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। इसके अलावा जिलाधिकारी भी कई बार निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी है।

करीब 1.98 किलोमीटर लंबी इस सड़क के पूरा होने के बाद बिहिया, जगदीशपुर, आरा और बक्सर की ओर जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। यह मार्ग क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।

फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर वन विभाग की मंजूरी पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि एनओसी मिलने के बाद करोड़ों रुपये की यह परियोजना जल्द पूरी होगी और उन्हें अधूरी सड़क, ऊंचे नालों और यातायात संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी।

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