
कैमूर। बिहार के कैमूर जिले स्थित पुसौली रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर राज्यसभा सांसद शिवेश कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और पुसौली स्टेशन पर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस और पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस का ठहराव शुरू कराने का आग्रह किया।
सांसद ने इस संबंध में रेल मंत्री को एक पत्र भी सौंपा है, जिसमें पुसौली रेलवे स्टेशन की उपयोगिता और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्टेशन आसपास के हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख केंद्र है और यहां महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
रेल मंत्री को दिए गए पत्र में सांसद ने बताया कि पुसौली रेलवे स्टेशन आसपास के करीब 25 हजार लोगों की आवाजाही का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिले की कई पंचायतों के ग्रामीण इस स्टेशन पर निर्भर हैं। इनमें घटांव, बहेरा, भदौला, भिट्टी, मिरियां और कैथी सहित कई क्षेत्रों के लोग शामिल हैं।
सांसद ने कहा कि इन इलाकों के लोगों को रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पत्र में विशेष रूप से बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस के ठहराव का मुद्दा उठाया गया है। सांसद ने बताया कि कोरोना महामारी से पहले 15137 अप और 15138 डाउन बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस का नियमित ठहराव पुसौली स्टेशन पर होता था। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा मिलती थी।
हालांकि कोरोना काल के दौरान रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन और ठहराव में बदलाव किया था। इसी दौरान बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस का पुसौली स्टेशन पर ठहराव बंद कर दिया गया। महामारी खत्म होने और रेल सेवाएं सामान्य होने के बाद भी इस ट्रेन का ठहराव अब तक बहाल नहीं किया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस का ठहराव बंद होने के बाद उन्हें काफी परेशानी हो रही है। यात्रियों को दूसरे स्टेशनों पर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है।
इसके अलावा पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी लंबे समय से की जा रही है। सांसद ने रेल मंत्री से 13249 अप और 13250 डाउन पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस को भी पुसौली स्टेशन पर रोकने का आग्रह किया है।
पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस क्षेत्र के यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण ट्रेन मानी जाती है। इसके ठहराव से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुसौली स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव बढ़ने से आसपास के गांवों के लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। वर्तमान में कई लोगों को लंबी दूरी तय कर अन्य स्टेशनों से ट्रेन पकड़नी पड़ती है।
सांसद शिवेश कुमार ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए दोनों ट्रेनों का ठहराव जल्द से जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
रेलवे आमतौर पर किसी स्टेशन पर ट्रेन ठहराव का निर्णय यात्रियों की संख्या, तकनीकी सुविधाओं और परिचालन संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए करता है। ऐसे में अब स्थानीय लोगों को रेलवे की ओर से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
पुसौली स्टेशन क्षेत्रीय संपर्क के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां आसपास के कई गांवों के लोग दैनिक यात्रा के लिए निर्भर रहते हैं। अगर दोनों ट्रेनों का ठहराव बहाल होता है तो क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरोना काल से पहले मिलने वाली सुविधाओं को धीरे-धीरे बहाल किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि रेलवे द्वारा यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए पुराने ठहराव वापस शुरू किए जाने चाहिए।
ग्रामीणों ने सांसद के प्रयास की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि रेल मंत्रालय जल्द ही इस मांग पर निर्णय लेगा। लोगों का कहना है कि पुसौली स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव क्षेत्र के विकास में भी मददगार साबित होगा।
फिलहाल सांसद द्वारा रेल मंत्री को पत्र सौंपे जाने के बाद अब लोगों की नजर रेलवे के फैसले पर है। यदि रेलवे बोर्ड इस मांग को मंजूरी देता है तो पुसौली और आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।





