बिहार

13 बच्चों की मौत से मातम चिराग पासवान ने अधिकारियों को लगाई फटकार

Ratna Netam
14 Oct 2026 7:19 PM IST
13 बच्चों की मौत से मातम चिराग पासवान ने अधिकारियों को लगाई फटकार
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वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत के मामले में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बुधवार, 14 अक्टूबर को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए संभावित प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चिराग पासवान ने कहा कि इस हादसे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मंगलवार रात गंगा नदी में हुए इस हादसे में कम उम्र के बच्चों की जान चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की परिस्थितियों और राहत कार्यों की जानकारी भी ली।
13 बच्चों की मौत से इलाके में मातम
यह दर्दनाक घटना मंगलवार, 13 अक्टूबर की रात वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोग गंगा नदी पार कर दूसरे गांव में आयोजित भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान यात्रियों से भरी नाव नदी में पलट गई।हादसे में कम से कम 13 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन के अनुसार, मृतकों में अधिकांश की उम्र 15 वर्ष या उससे कम थी। नाव पर 20 से अधिक लोगों के सवार होने की बात सामने आई है।घटना के बाद स्थानीय लोगों और बचाव दल ने नदी में डूबे लोगों को निकालने का प्रयास किया। बचाए गए लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
देर रात घटनास्थल पहुंचे चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि जैसे ही उन्हें नाव हादसे की जानकारी मिली, वह देर रात घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से बातचीत की और राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।इस दौरान उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक से भी चर्चा की। चिराग पासवान ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान भी इस दुखद घटना की ओर दिलाया।उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत बेहद पीड़ादायक है। इस घटना की जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।
लापरवाही के आरोपों पर जांच के निर्देश
चिराग पासवान ने नाव हादसे में संभावित लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी की गलती सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि दुर्घटनाग्रस्त नाव की स्थिति ठीक नहीं थी। कुछ ग्रामीणों के अनुसार, नाव के संचालन और उसकी खराब स्थिति को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं।हादसे में जीवित बचे कुछ बच्चों ने भी नाव में छेद होने और पानी भरने की बात बताई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण आधिकारिक जांच के बाद ही होगा।
CO और थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक
नाव हादसे के बाद वैशाली जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने राघोपुर के अंचल अधिकारी और संबंधित थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है।दोनों अधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने की कार्रवाई भी की गई है। जिलाधिकारी ने हादसे की जांच के लिए समिति गठित की है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।प्रशासन की ओर से यह भी जांच की जा रही है कि नाव के संचालन में सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता की घोषणा
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।वहीं, बिहार सरकार ने भी मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस प्रकार दोनों घोषणाओं के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए कुल छह लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है।
अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर नाव हादसे में घायल लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने उनका हालचाल जाना और उपचार से संबंधित जानकारी ली।इस दौरान उन्होंने घायलों और उनके परिजनों को सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।राघोपुर नाव हादसे के बाद गंगा नदी में नाव संचालन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। अब प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना के पीछे नाव की खराब स्थिति, सुरक्षा नियमों की अनदेखी या अन्य कौन से कारण जिम्मेदार थे।
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