बिहार

सिवान में 10 हजार से ज्यादा पेड़ों का होगा पुनर्स्थापन

Saba Naaz
14 July 2026 6:17 PM IST
सिवान में 10 हजार से ज्यादा पेड़ों का होगा पुनर्स्थापन
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सिवान, 14 जुलाई। उत्तर प्रदेश के अयोध्या धाम को माता सीता की जन्मभूमि जनकपुर (नेपाल) से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी राम-जानकी पथ ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के तहत सिवान जिले में बड़ी संख्या में पेड़ प्रभावित हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण कार्य की जद में आने वाले कुल 17,826 पेड़ों की पहचान की गई है।

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने पेड़ों को बचाने के लिए विशेष योजना तैयार की है। इसके तहत 10,599 पेड़ों को वैज्ञानिक तरीके से उखाड़कर दूसरी जगह पुनर्स्थापित किया जाएगा। वहीं, जिन 7,227 पेड़ों को हटाना जरूरी होगा, उनकी कटाई के बदले नए पौधे लगाए जाएंगे।

वन विभाग का कहना है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पेड़ों को अधिक से अधिक सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है। पेड़ों के स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक तकनीक के जरिए की जा रही है, जिसकी निगरानी वन विभाग के अधिकारी कर रहे हैं।

प्रभारी जिला वन पदाधिकारी मेघा यादव ने बताया कि राम-जानकी पथ निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के कारण प्रभावित होने वाले पेड़ों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की गई है। इसमें गैर वन क्षेत्र में कुल 11,312 पौधों को चिह्नित किया गया था।

इनमें से 8,892 पौधों को तकनीकी मानकों के अनुसार दूसरी जगह सफलतापूर्वक प्रतिरोपित किया जा सकता है। इन पौधों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर दोबारा लगाया जा रहा है। वहीं, 2,420 पौधों को हटाना पड़ा है।

परियोजना के तहत प्रभावित होने वाले पेड़ों को लेकर वन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों को काटने की जगह उन्हें बचाने और स्थानांतरित करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे।

राम-जानकी पथ परियोजना एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है, जिसका उद्देश्य अयोध्या और जनकपुर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इस मार्ग के बनने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, किसी भी बड़े निर्माण प्रोजेक्ट की तरह इस परियोजना के सामने पर्यावरण संरक्षण की चुनौती भी है। वन विभाग का कहना है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर काम किया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, जिन पेड़ों का पुनर्स्थापन किया जा रहा है, उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे नई जगह पर सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें। इसके अलावा कटाई किए गए पेड़ों की भरपाई के लिए नए पौधों का रोपण किया जाएगा।

राम-जानकी पथ परियोजना के निर्माण के साथ सिवान में विकास की नई संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है। वहीं, वन विभाग की कोशिश है कि इस विकास कार्य के दौरान पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके।

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