
Bihar: बिहार में एक बार फिर मॉनसून सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पटना ने 22 जून के लिए राज्य के दक्षिण बिहार के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तर बिहार, मिथिलांचल और सीमांचल के अधिकांश जिलों को येलो अलर्ट जोन में रखा गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि कई इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
IMD की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण बिहार के गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, अरवल, जहानाबाद, नवादा, नालंदा, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई और आसपास के जिलों में मौसम अधिक खराब रहने की आशंका है। इन क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि मौसम सामान्य से अधिक गंभीर हो सकता है और लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने खुले स्थानों में न जाने और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है।
दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में दिनभर बादल छाए रहे और देर रात तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की संभावना है, लेकिन इसके साथ ही जलजमाव और यातायात की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
उत्तर बिहार के जिलों जैसे मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, वैशाली, मोतिहारी और बेतिया में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां मौसम अपेक्षाकृत सामान्य लेकिन सतर्क रहने योग्य रहेगा। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। बादलों की आवाजाही बढ़ने के साथ कई इलाकों में बारिश दर्ज हो सकती है। इससे जहां एक ओर लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जलजमाव और ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ सकती है।
मौसम विभाग ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। किसानों से कहा गया है कि वे खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर नजर रखें। अगर आसमान में बिजली चमक रही हो या तेज गर्जना हो रही हो तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। कटाई, मड़ाई और कृषि उपकरणों के उपयोग के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे मवेशियों को खुले मैदान में न छोड़ें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें। छात्रों और कार्यालय जाने वाले लोगों को भी घर से निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
IMD का कहना है कि अगले 24 घंटे बिहार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे क्योंकि कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है। प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
इस तरह बिहार में एक बार फिर मॉनसून की सक्रियता बढ़ गई है और कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करें और सुरक्षित रहें।





