
पटना। बिहार से मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। राज्य के कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा का दौर जारी है। शुक्रवार 25 सितंबर को पटना समेत करीब 20 जिलों में कहीं भारी तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश में बारिश के साथ मेघगर्जन और तेज हवा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पटना के लिए शुक्रवार को गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, औरंगाबाद, जहानाबाद, नालंदा, गया, पूर्णिया, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय और पटना में बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात का खतरा रह सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम में आए इस बदलाव की बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी में विकसित गहरे दबाव के प्रभाव से बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। इससे पहले विभाग ने 23 से 26 सितंबर के दौरान उत्तर बिहार समेत राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और गरज-तड़क की संभावना जताई थी।
पटना में भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 24 सितंबर को राजधानी में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान 26 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। शुक्रवार को पटना में सामान्य रूप से बादल छाए रहने और बारिश या गरज के साथ बौछारों के एक-दो दौर की संभावना है।
उत्तर बिहार में बारिश के बाद तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि लगातार बारिश ने कई जगह परेशानी भी बढ़ाई है। गुरुवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-पानी के कारण नुकसान की घटनाएं सामने आईं। पूर्णिया के बायसी क्षेत्र में तेज आंधी से 50 से अधिक घरों के टिन के छप्पर उड़ गए। कई कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा।
राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। बिहार जल संसाधन विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 24 सितंबर को बांका में 57.85 मिलीमीटर, जमुई में 43.84 मिलीमीटर, बेगूसराय में 36.48 मिलीमीटर, भागलपुर में 35.40 मिलीमीटर और भोजपुर में 20.73 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अररिया, अरवल, गया, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण समेत अन्य जिलों में भी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इस बीच नेपाल में भारी बारिश की चेतावनी ने कोसी क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। नेपाल में गुरुवार से रविवार तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा से सटे कोसी बराज और सुनसरी क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में अधिक बारिश होने पर कोसी समेत सीमा पार से बिहार आने वाली नदियों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोसी बराज के जल प्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है। कोसी बराज कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह आठ बजे बराज से 1,09,795 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। दोपहर 12 बजे यह बढ़कर 1,40,260 क्यूसेक और शाम चार बजे 1,77,390 क्यूसेक तक पहुंच गया।
कोसी के बराह क्षेत्र में भी पानी के प्रवाह की लगातार निगरानी की जा रही है। जल संसाधन विभाग से जुड़े अभियंताओं को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। सुनसरी और कोसी बराज के आसपास नदी किनारे तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।
पूर्णिया में भी फिलहाल बारिश से राहत मिलने के संकेत कम हैं। स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 25 और 26 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है। 28 सितंबर तक गरज के साथ बारिश या बौछारों की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। ऐसे में पहले से आंधी और बारिश से प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को भी बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पटना में 26 सितंबर को बादल छाए रहने और बारिश या गरज के साथ बौछारों के एक-दो दौर की संभावना जताई गई है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने के संकेत हैं, हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
फिलहाल बिहार में मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और सक्रिय दौर देखने को मिल रहा है। एक तरफ बारिश ने गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं तेज हवा, वज्रपात और भारी वर्षा के कारण नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। नेपाल में भारी बारिश की चेतावनी के कारण कोसी बराज और सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई है। अगले दो दिनों तक लोगों को मौसम की चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।





