
Bihar बिहार: बिहार के मधुबनी जिले में जिला प्रशासन ने स्कूलों में अनुशासन और पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट आनंद शर्मा ने क्लास के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।
डीएम ने साफ निर्देश दिया है कि अगर कोई छात्र या शिक्षक इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और कक्षाओं में ध्यान केंद्रित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस फैसले के तहत स्कूलों के शिक्षकों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल समय में मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और पूरी तरह से पढ़ाई पर ध्यान दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक अगर कक्षा में मोबाइल का उपयोग करते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इसी बीच, जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डीएम आनंद शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे स्कूल प्रशासन और शिक्षकों को दिशा-निर्देश देते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 2013 बैच के आईएएस अधिकारी आनंद शर्मा के नेतृत्व में मंगलवार को जिले में एक “सेंसस फेस्टिवल” का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में “100 प्रतिशत सेल्फ एन्यूमरेशन” सुनिश्चित करना था, खासकर उन क्षेत्रों में जो नेपाल सीमा से सटे हुए हैं।
कार्यक्रम के दौरान डीएम ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अनुशासन बनाए रखना और छात्रों का ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिला प्रशासन का मानना है कि कक्षाओं में मोबाइल के बढ़ते उपयोग से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इसलिए इसे नियंत्रित करना जरूरी हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
इस आदेश के बाद जिले के स्कूलों में मोबाइल उपयोग को लेकर नई गाइडलाइंस लागू कर दी गई हैं। शिक्षा विभाग और प्रशासन मिलकर इस नियम को सख्ती से लागू कराने की तैयारी में है।
कुल मिलाकर, मधुबनी प्रशासन का यह फैसला स्कूलों में अनुशासन और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिस पर अब पूरे जिले में निगरानी रखी जाएगी।





