बिहार

विधायक हॉर्स-ट्रेडिंग मामला: बिहार पुलिस लाई-डिटेक्शन टेस्ट पर कर रही विचार

SHIDDHANT
20 Aug 2025 10:15 PM IST
विधायक हॉर्स-ट्रेडिंग मामला: बिहार पुलिस लाई-डिटेक्शन टेस्ट पर कर रही विचार
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BIHAR बिहार : राजनीति में हलचल मचाने वाले विधायक हॉर्स-ट्रेडिंग मामले की जाँच अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इस मामले के संदिग्धों का लाई-डिटेक्शन टेस्ट कराने पर विचार कर रही है। जाँच अधिकारियों का कहना है कि कई आरोपियों से पूछताछ की गई, लेकिन कुछ सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिले। ऐसे में, पुलिस वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लेने की तैयारी कर रही है। EOU ने इस मामले में कई नेताओं से पूछताछ की है, जिनमें पूर्व राजद विधायक बीमा भारती और भाजपा विधायक मिश्री लाल यादव शामिल हैं। जाँच अधिकारियों का कहना है कि दोनों सहित कुछ अन्य विधायकों से सवाल पूछे गए, लेकिन उनके जवाबों में कई असंगतियां पाई गईं। इसी वजह से, EOU को लग रहा है कि सच्चाई का पता लगाने के लिए लाई-डिटेक्शन टेस्ट कराना ज़रूरी हो सकता है। यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा क्योंकि यह जाँच कोB एकB नई दिशाB देगा।

यह केस उस फ्लोर टेस्ट से जुड़ा है, जो फरवरी 2024 में हुआ था। उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर NDA में वापसी की थी। विश्वास मत जीतने से पहले यह आरोप लगे थे कि विपक्षी दल राजद (RJD) सरकार बचाने के लिए सत्तारूढ़ दल के विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहा था। इस आरोप के बाद, यह मामला EOU को सौंपा गया था। इस मामले में अभी तक कई सबूत जुटाए जा चुके हैं, जिनमें कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग और कॉलB डिटेल्सB शामिल हैं। हालाँकि, कुछ आरोपियों के बयानों में अंतर और विरोधाभास होने के कारण, जाँच एजेंसियाँ इस निष्कर्ष पर पहुँची हैं कि लाई-डिटेक्शन टेस्ट ही सच्चाई तक पहुँचने का एकमात्र रास्ता हो सकता है। यह मामला बिहार की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। EOU की यह कार्रवाई इस बात का संकेत देती है कि जाँचB एजेंसियाँ इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह सेB गंभीरB हैं। इस कदम सेB मामले मेंB औरB भीB बड़ेB खुलासेB होनेB कीB संभावना है।

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