
मानपुर: मानपुर के वार्ड संख्या-49 स्थित शिवचरण लेन मोहल्ले में बुधवार को भावनाओं से भरा ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। करीब सात महीने से लापता 56 वर्षीय नंद किशोर प्रसाद आखिरकार अपने परिवार के बीच लौट आए। लंबे इंतजार और चिंता के बाद जब परिवार ने उन्हें सामने देखा तो खुशी के आंसू छलक पड़े।
नंद किशोर प्रसाद के घर लौटने की खबर मिलते ही मोहल्ले में भी लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार के सदस्यों के लिए यह पल किसी बड़ी राहत और खुशी से कम नहीं था। सात महीने से जिस अपने की तलाश में परिवार परेशान था, वह अचानक उनके सामने खड़ा था।
अचानक गायब हो गए थे नंद किशोर
जानकारी के अनुसार, नंद किशोर प्रसाद करीब सात महीने पहले अचानक लापता हो गए थे। उनके गायब होने के बाद परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
परिवार ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के इलाकों में तलाश की। इसके बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती गई।
लंबे समय तक नंद किशोर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार के लोग काफी परेशान थे और उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
परिवार को नहीं थी मिलने की उम्मीद
सात महीने का समय परिवार के लिए बेहद कठिन दौर रहा। हर दिन नंद किशोर की वापसी का इंतजार होता था। परिजनों को उम्मीद थी कि एक दिन वह जरूर वापस आएंगे।
बुधवार को जब उनके लौटने की सूचना मिली तो परिवार के लोगों को पहले विश्वास नहीं हुआ। लेकिन जब नंद किशोर वास्तव में घर पहुंचे तो माहौल पूरी तरह बदल गया।
परिवार के सदस्यों ने उन्हें गले लगा लिया। लंबे समय बाद अपने प्रियजन को सामने देखकर सभी भावुक हो गए।
मोहल्ले में भी खुशी का माहौल
नंद किशोर के घर लौटने की खबर पूरे शिवचरण लेन मोहल्ले में फैल गई। पड़ोसी भी उन्हें देखने और परिवार को बधाई देने पहुंचे।
लोगों ने कहा कि लंबे समय बाद किसी परिवार के चेहरे पर ऐसी खुशी देखना भावुक करने वाला पल है। मोहल्ले के लोगों ने भी नंद किशोर के सुरक्षित लौटने पर राहत जताई।
कई लोगों ने परिवार के संघर्ष और इंतजार को याद करते हुए इस पल को भावनात्मक बताया।
सुरक्षित वापसी बनी चर्चा का विषय
नंद किशोर प्रसाद की वापसी के बाद इलाके में उनकी तलाश और सुरक्षित घर पहुंचने की कहानी चर्चा का विषय बन गई है।
परिवार के लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि उनका सदस्य सुरक्षित वापस आ गया। हालांकि, उनके सात महीने तक कहां रहने और इस दौरान क्या परिस्थितियां रहीं, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
परिवार अब उनके साथ समय बिताकर बीते कठिन दौर को भूलने की कोशिश कर रहा है।
परिवार ने जताया आभार
नंद किशोर के परिजनों ने उनकी वापसी में मदद करने वाले लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में जिन लोगों ने उनका साथ दिया, वे हमेशा याद रहेंगे।
परिवार के लिए यह घटना जीवनभर याद रहने वाला अनुभव बन गई है।
लापता लोगों की तलाश में समाज की भूमिका अहम
नंद किशोर प्रसाद की वापसी यह भी दिखाती है कि लापता लोगों की तलाश में परिवार, समाज और प्रशासन के प्रयास कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
ऐसे मामलों में समय पर सूचना, लगातार खोज और लोगों का सहयोग किसी व्यक्ति को वापस उसके परिवार तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।
फिलहाल, नंद किशोर के घर लौटने से परिवार में खुशी का माहौल है। सात महीने की चिंता और इंतजार के बाद उनके अपनों को आखिरकार वह पल मिल गया, जिसका उन्हें बेसब्री से इंतजार था।





