बिहार

रिश्वत की बात सुन भड़के मंत्री, तुरंत सस्पेंड

Saba Naaz
1 Aug 2026 2:15 PM IST
रिश्वत की बात सुन भड़के मंत्री, तुरंत सस्पेंड
x

बिहार: भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्ती का एक बड़ा मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखींद्र पासवान की जन सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति ने विभाग के कर्मचारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता ने मंत्री के सामने ही फोन पर संबंधित कर्मचारी से बात की, जहां कथित तौर पर दोबारा 50 हजार रुपये की मांग की गई। पूरी बातचीत सुनने के बाद मंत्री ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए और एक घंटे के भीतर आरोपी कर्मचारी को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।

मामला बिहार के सीतामढ़ी जिले से जुड़ा है। यहां रहने वाले कमलेश पासवान नामक व्यक्ति ने मंत्री लखींद्र पासवान की जन सुनवाई में पहुंचकर शिकायत की कि एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत मिलने वाली अनुदान राशि जारी करने के बदले उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। फरियादी ने आरोप लगाया कि विभाग में तैनात एक डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा उससे पैसे की मांग की गई।

शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और फरियादी से कहा कि वह उसी कर्मचारी को फोन लगाए, जिस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद कमलेश पासवान ने मंत्री के सामने ही डाटा एंट्री ऑपरेटर को कॉल किया। फोन उठाने के बाद कर्मचारी ने कथित तौर पर फिर से 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी।

मंत्री और वहां मौजूद अधिकारियों ने पूरी बातचीत सुनी। फोन पर रिश्वत की मांग सुनते ही मंत्री लखींद्र पासवान ने नाराजगी जताई और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने मौके से ही सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी को फोन लगाया और डाटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार के बारे में जानकारी मांगी।

जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि चंदन कुमार विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। इसके बाद मंत्री ने अधिकारी से कहा कि उनके सामने ही रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग हुई है। उन्होंने एससी-एसटी केस संख्या 129/26 में अनुदान राशि दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि आरोपी कर्मचारी को तुरंत निलंबित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एक घंटे के भीतर निलंबन की कार्रवाई पूरी होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मामले में लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री लखींद्र पासवान ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा आम लोगों से रिश्वत मांगने की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस घटना के बाद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग की ओर से आरोपी कर्मचारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

मंत्री ने शिकायतकर्ता कमलेश पासवान को भरोसा दिलाया कि उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अगर वह सरकारी योजना के तहत अनुदान राशि पाने के पात्र हैं तो उन्हें बिना किसी परेशानी के नियमानुसार लाभ दिया जाएगा।

फिलहाल आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। हालांकि, मंत्री के सामने ही रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Next Story