
Bihar में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि इस बार पंचायत चुनाव अपने तय समय यानी नवंबर-दिसंबर में ही कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग की तैयारियां पूरी तरह से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही हैं और इसमें किसी भी तरह की देरी की संभावना नहीं है। मंत्री ने यह भी साफ किया कि इस बार चुनाव से पहले कोई नया परिसीमन नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि पंचायतों और वार्डों की सीमाएं पहले जैसी ही रहेंगी और इन्हीं पुराने परिसीमन के आधार पर चुनाव संपन्न होंगे। इस फैसले के बाद संभावित उम्मीदवारों और मौजूदा जनप्रतिनिधियों को राहत मिली है, क्योंकि सीटों में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं रहेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर का पूरी तरह पालन किया जाएगा। इससे सभी वर्गों को उनके निर्धारित आरक्षण के अनुसार प्रतिनिधित्व मिलेगा। चुनावी प्रक्रिया को लेकर विभाग ने तैयारियों को तेज कर दिया है और गांवों में राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं।
आंकड़ों के अनुसार इस बार बिहार में हजारों पदों पर चुनाव कराए जाएंगे। मुखिया और सरपंच के कुल 8053 पदों के लिए मुकाबला होगा। वहीं वार्ड सदस्य और पंच के 1,09,635 पदों पर सबसे अधिक प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे। इसके अलावा पंचायत समिति के 11,085 और जिला परिषद के 1,160 पदों पर भी चुनाव होंगे।
सरकार के अनुसार लगभग सभी स्तरों पर चुनावी ढांचा तैयार किया जा रहा है। अब सभी की नजरें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर हैं, जो जल्द ही चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना और तारीखों की घोषणा कर सकता है।
इस घोषणा के बाद गांवों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। संभावित उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं और जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। स्थानीय स्तर पर बैठकों और रणनीतियों का दौर भी शुरू हो गया है।
मंत्री के इस बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार में पंचायत चुनाव समय पर ही संपन्न होंगे और इस बार सीटों के परिसीमन में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्थिर बनी रहेगी।





