बिहार

'मन की बात' में मखाने का जिक्र, सम्राट चौधरी ने PM मोदी का जताया आभार

Rajeshwari Nishad
25 Oct 2026 4:12 PM IST
मन की बात में मखाने का जिक्र, सम्राट चौधरी ने PM मोदी का जताया आभार
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पटना: बिहार का पारंपरिक सुपरफूड 'मखाना' (फॉक्स नट) अब केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पौष्टिकता और स्वाद का परचम लहरा रहा है। यूरोपीय देश ग्रीस तक बिहार के मखाने की पहुंच और इसकी बढ़ती वैश्विक मांग पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुशी जाहिर की है। अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के हालिया संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बिहार के मखाना उत्पादकों और इसके निर्यात की विशेष सराहना किए जाने के बाद राज्य के राजनीतिक और कृषि हलकों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।
प्रधानमंत्री की इस सराहना पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहृदय आभार व्यक्त किया है। नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री के इन शब्दों से बिहार के लाखों मखाना किसानों, स्थानीय उद्यमियों और निर्यातकों को नई ऊर्जा और पहचान मिली है।
'मन की बात' में पीएम मोदी ने क्या कहा?
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर मिल रही सफलता ('लोकल फॉर ग्लोबल') का जिक्र करते हुए बिहार के मखाने का विशेष रूप से उल्लेख किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के कृषि उत्पाद आज दुनिया के कोने-कोने में अपनी खास पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा:
"बिहार का सुपरफूड मखाना अब यूरोप के प्रमुख देश ग्रीस के बाजारों और रसोई तक पहुंच चुका है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि हमारे किसानों की मेहनत और स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतर रही है। बिहार के मखाना किसानों की यह सफलता देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक है।"
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मखाना केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं है, बल्कि यह अपने समृद्ध पोषक तत्वों (प्रोटीन, कैल्शियम और एंटी-ऑक्सीडेंट्स) के कारण दुनिया भर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक (Health-Conscious) लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जताया आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बात' में बिहार के मखाने का मान बढ़ाने पर राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका धन्यवाद किया। सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और प्रोत्साहन के कारण ही आज बिहार का किसान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना पा रहा है।
सम्राट चौधरी ने अपने बयान में कहा:
"आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में बिहार के मखाने की अंतरराष्ट्रीय सफलता का जिक्र कर राज्य के लाखों किसानों का मान बढ़ाया है। इसके लिए पूरा बिहार उनका आभारी है। मखाने को जीआई टैग (GI Tag) मिलने के बाद से ही इसके निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। हमारी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और मखाना प्रसंस्करण (Processing) को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।"
वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह संबोधन मिथिलांचल और संपूर्ण बिहार के मखाना उत्पादकों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से बिहार का मखाना अब वैश्विक ब्रांड बन चुका है।
मिथिलांचल से यूरोप तक: मखाने का सफर और आर्थिक प्रभाव
बिहार का मिथिलांचल क्षेत्र देश के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है। दरभंगा, मधुबनी, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा और सीतामढ़ी जैसे जिले मखाना खेती के प्रमुख केंद्र हैं।
जीआई टैग से मिली वैश्विक पहचान: 'मिथिला मखाना' को भौगोलिक संकेत (GI Tag) मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी प्रामाणिकता और मांग तेजी से बढ़ी है।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एंट्री: अमेरिका, ब्रिटेन, खाड़ी देशों (Gulf Countries) के बाद अब ग्रीस जैसे यूरोपीय देशों में बिहार के मखाने का सीधे निर्यात किया जा रहा है।
स्थानीय रोजगार और स्टार्टअप्स: मखाने की बढ़ती मांग के कारण राज्य में कई नए एग्रो-स्टार्टअप्स (Agro-Startups) और प्रोसेसिंग यूनिट्स शुरू हुई हैं। इससे न केवल किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
मखाना किसानों में खुशी की लहर, भविष्य की राह
प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन के बाद मखाना उत्पादक किसानों और निर्यातकों में भारी खुशी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि पहले मखाने का उचित मूल्य न मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सीधे निर्यात और ब्रांडिंग की वजह से उन्हें अपनी मेहनत का सही फल मिल रहा है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय संघ (EU) के देशों जैसे ग्रीस में मखाने की एंट्री से अब अन्य यूरोपीय देशों के दरवाजे भी भारतीय मखाने के लिए खुल जाएंगे। आने वाले समय में आधुनिक पैकेजिग, वैल्यू एडिशन (जैसे फ्लेवर्ड मखाना) और बेहतर लॉजिस्टिक्स के जरिए बिहार का मखाना भारत की कृषि अर्थव्यवस्था का एक मुख्य स्तंभ बनकर उभरेगा।
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