
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले की एक अदालत ने प्रेम, धोखे और जघन्य हत्याकांड के एक संवेदनशील मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) संजीव कुमार सिंह की अदालत ने अपनी ही मंगेतर की बेरहमी से हत्या करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना (अर्थदंड) भी लगाया है। जुर्माना राशि अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को छह महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी। अदालत के इस फैसले से मृतका के न्यायप्रिय परिवार को एक बड़ा संबल मिला है।
2023 में तय हुई थी शादी, मोबाइल पर बातचीत से शुरू हुआ विवाद
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गोपालपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव का है। यहां के निवासी नंदलाल चौधरी की 22 वर्षीय पुत्री पिंकी कुमारी की शादी वर्ष 2023 में विश्वम्भरपुर थाना क्षेत्र के सिपाया ढाला निवासी दयानंद चौधरी के पुत्र गुड्डू कुमार यादव से तय हुई थी। शादी तय होने के बाद दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था। दोनों मंगेतर (पिंकी और गुड्डू) आपस में मोबाइल फोन पर लगातार बातचीत करने लगे। गुड्डू ने पिंकी को बात करने के लिए अलग से एक मोबाइल फोन भी उपहार में दिया था।
चरित्र पर संदेह बना हत्या की वजह
कुछ समय बाद, पिंकी के परिजनों ने सामाजिक मर्यादा और शादी से पहले अत्यधिक बातचीत को ठीक न मानते हुए दोनों के फोन पर बात करने पर रोक लगा दी। परिजनों के कहने पर पिंकी ने गुड्डू से दूरी बना ली और बातचीत कम कर दी। बातचीत कम होने पर मंगेतर गुड्डू कुमार यादव के मन में पिंकी के प्रति कड़वाहट घुल गई। उसे यह गहरा संदेह (शंका) हो गया कि पिंकी का किसी अन्य युवक के साथ प्रेम संबंध चल रहा है और इसी वजह से वह उससे बात नहीं कर रही है। इसी सनक और शक के चलते उसने पिंकी को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
बगीचे में नग्न अवस्था में मिला था गर्दन रेता हुआ शव
साजिश के तहत 26 अप्रैल 2024 की रात गुड्डू ने पिंकी को बहला-फुसलाकर घर से बाहर मिलने के लिए बुलाया। उस रात पिंकी अचानक घर से लापता हो गई, जिससे परिजन परेशान हो गए। अगले दिन सुबह गांव के बाहर एक सुनसान बगीचे में पिंकी का शव नग्न अवस्था में बरामद हुआ। अपराधियों ने अत्यंत क्रूरता दिखाते हुए धारदार हथियार से उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। इस वीभत्स घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और ग्रामीणों में भारी आक्रोश था।
मोबाइल CDR और लोकेशन ने खोला मंगेतर का राज
मामले की तफ्तीश के दौरान गोपालपुर थाना पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस ने मृतका और संदिग्ध मंगेतर गुड्डू के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाला। सीडीआर जांच से यह साफ हो गया कि घटना की रात और उससे ठीक पहले दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई थी। इसके अलावा, मोबाइल टावर लोकेशन से यह साबित हुआ कि हत्या के वक्त गुड्डू का लोकेशन ठीक उसी बगीचे के आसपास था जहां शव मिला था। तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुड्डू कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिसिया पूछताछ में वह ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना चाकू भी बरामद कर लिया।
अदालत में मजबूत पैरवी से मिली कड़ी सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) रमन चंद्र मिश्रा ने कोर्ट के सामने पुलिस द्वारा जुटाए गए पुख्ता वैज्ञानिक सबूत, चश्मदीदों के बयान और चाकू की बरामदगी रिपोर्ट को बेहद मजबूती से रखा। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रुपेश तिवारी ने दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध अकाट्य साक्ष्यों को देखने के बाद गुड्डू कुमार यादव को हत्या का मुख्य दोषी पाया और उसे आखिरी सांस तक जेल में रहने यानी आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई।





