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Bangal बंगाल : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धनो धान्य ऑडिटोरियम में आयोजित बिजनेस एंड इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि गांधीजी का नाम किसी भी योजना या संस्थान से हटाना उनके लिए बेहद शर्मनाक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान और याद को भूलने के समान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधीजी का योगदान केवल भारत की आजादी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने समाज में नैतिकता, ईमानदारी और सामाजिक सेवा की भावना को भी मजबूत किया। उनके विचार और आदर्श आज भी देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इसलिए उन्होंने निर्णय लिया है कि राज्य सरकार की कर्मश्री योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा जाएगा।
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा, "गांधीजी ने जीवन में कठिनाइयों के बावजूद हमेशा सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाया। उनके आदर्श आज भी हमें सकारात्मक परिवर्तन और सामाजिक न्याय की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके नाम को किसी भी योजना या कार्यक्रम से हटाना हमारी राष्ट्रीय पहचान के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों और व्यापारिक समुदाय को भी संबोधित करते हुए राज्य की विकास योजनाओं और निवेश अनुकूल नीतियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई नई पहल की हैं, जिसमें व्यापारियों और उद्योगपतियों को बेहतर सुविधा और समर्थन प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि कर्मश्री योजना का उद्देश्य राज्य के युवाओं और श्रमिकों को रोजगार, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत अब महात्मा गांधी के आदर्शों को शामिल कर युवाओं में सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी की भावना को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव में यह संदेश भी दिया कि राज्य सरकार उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेशक पश्चिम बंगाल में आने वाले अवसरों को गंभीरता से देखें, क्योंकि यहां की प्रशासनिक प्रक्रिया, सुरक्षा और बुनियादी ढांचा उद्योग के अनुकूल है।
कॉन्क्लेव में उपस्थित उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना की और कहा कि महात्मा गांधी के नाम से योजना का जुड़ना युवाओं में प्रेरणा और नैतिकता का संदेश देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि गांधीजी के आदर्शों को अपनाना सिर्फ ऐतिहासिक दृष्टिकोण नहीं, बल्कि आधुनिक समाज में नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने का भी तरीका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम करेगी और योजनाओं के माध्यम से महात्मा गांधी की शिक्षाओं को व्यावहारिक रूप में लागू करेगी।
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