
पटना। बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को बड़ा झटका लगा है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता नीरज कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ गई है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रखा गया है। बताया जा रहा है कि नीरज कुमार को हृदय संबंधी परेशानी हुई है। हालांकि उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अस्पताल की ओर से विस्तृत मेडिकल बुलेटिन सामने नहीं आया है। विधानसभा परिषद चुनाव के लिए मतदान से ठीक पहले उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जदयू के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार की तबीयत अचानक खराब होने के बाद उन्हें इलाज के लिए मेदांता अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया।
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उन्हें दिल से जुड़ी परेशानी हुई है। नीरज कुमार पहले भी हृदय संबंधी समस्याओं का सामना कर चुके हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।
फिलहाल उनके स्वास्थ्य में सुधार की स्थिति, अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावित तारीख और आगे के उपचार को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
23 अक्टूबर को होना है विधान परिषद चुनाव
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। निर्वाचन आयोग की घोषणा के अनुसार, मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
इन आठ सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
इन सीटों के वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होने वाला है। इसी कारण चुनाव कराया जा रहा है। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक संपन्न की जानी है।
पटना स्नातक सीट से चुनाव लड़ रहे नीरज कुमार
नीरज कुमार जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
इस बार जदयू ने उन्हें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने 23 सितंबर को शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के लिए अपने चार उम्मीदवारों की घोषणा की थी।
नीरज कुमार की उम्मीदवारी को लेकर पहले से ही राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं। इस सीट पर पार्टी के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं।
चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में उनके अस्पताल में भर्ती होने से व्यक्तिगत चुनावी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि पार्टी ने उनके प्रचार कार्यक्रम में बदलाव को लेकर अभी कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
पहले भी हो चुकी है हृदय संबंधी परेशानी
नीरज कुमार का स्वास्थ्य पहले भी चर्चा में रहा है। वर्ष 2022 में उन्हें दिल से संबंधित परेशानी के कारण पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उस समय चिकित्सकों ने उन्हें पेसमेकर लगाया था। बाद में स्वास्थ्य संबंधी समस्या बढ़ने पर बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से हैदराबाद भेजा गया था।
पुरानी रिपोर्टों के अनुसार, उस दौरान उन्हें दिल की धड़कन अनियमित होने और बेचैनी की शिकायत हुई थी।
हालांकि वर्ष 2022 की बीमारी और वर्तमान स्थिति को एक जैसा नहीं माना जा सकता। इस बार उनकी तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों और चिकित्सकीय स्थिति की पुष्टि अस्पताल की ताजा रिपोर्ट से ही हो सकेगी।
अनंत सिंह के विरोध से चर्चा में है पटना सीट
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बिहार विधान परिषद चुनाव की चर्चित सीटों में शामिल है। इसकी प्रमुख वजह जदयू नेता नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच जारी राजनीतिक मतभेद हैं।
अनंत सिंह ने जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया है। उन्होंने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया है।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। इस चुनाव में दोनों नेताओं के मतभेद खुलकर सामने आने के कारण पार्टी नेतृत्व के सामने भी चुनौती खड़ी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के मतभेद चुनाव प्रचार और संगठनात्मक समन्वय को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इसका वास्तविक चुनावी असर मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
जदयू के सामने चुनाव प्रचार की चुनौती
नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब विधान परिषद चुनाव के मतदान में केवल तीन दिन बचे हैं।
चुनावी प्रचार के अंतिम चरण में उम्मीदवार की सक्रियता महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान मतदाताओं से संपर्क, कार्यकर्ताओं की बैठकें और संगठनात्मक गतिविधियां तेज रहती हैं।
ऐसे समय में नीरज कुमार के अस्पताल में भर्ती होने से पार्टी को प्रचार की रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।
हालांकि जदयू और एनडीए के अन्य नेता पहले से ही उनके समर्थन में चुनावी अभियान चला रहे हैं।
18 अक्टूबर को दानापुर में आयोजित एनडीए कार्यकर्ताओं की बैठक में भी नीरज कुमार के समर्थन में एकजुट होकर काम करने की अपील की गई थी।
आठ सीटों पर कई दलों के बीच मुकाबला
बिहार विधान परिषद चुनाव में जदयू, भाजपा, राजद और जन सुराज पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार, राजद के दिलीप पटेल और जन सुराज के अनुज सिंह प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं।
इस चुनाव में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
विधान परिषद चुनाव का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसके जरिए शिक्षित मतदाताओं और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रतिनिधित्व मिलता है।
स्वास्थ्य संबंधी अपडेट का इंतजार
नीरज कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बाद फिलहाल उनके स्वास्थ्य संबंधी आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
चुनाव के नजदीक होने के कारण उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की नजर स्वास्थ्य में सुधार तथा आगामी कार्यक्रमों पर बनी हुई है।
चिकित्सकों की सलाह और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर ही तय हो सकेगा कि वह मतदान से पहले व्यक्तिगत रूप से चुनाव प्रचार में हिस्सा ले पाएंगे या नहीं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा है। उनकी स्थिति को लेकर अपुष्ट दावों से बचना जरूरी है।
बिहार विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ना जदयू के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब पार्टी की चुनावी गतिविधियों के साथ उनके स्वास्थ्य संबंधी अगले अपडेट पर भी नजर रहेगी।





